15 सितंबर की शाम नदी में डूबा था बालक, सुबह से NDRF के गोताखोरों ने चलाया सघन सर्च ऑपरेशन
शाहजहाँपुर, 16 सितम्बर 2026। तिलहर तहसील के थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के ग्राम रपड़िया नवादा निवासी 14 वर्षीय बालक विकास पुत्र ओमपाल के रामगंगा नदी में डूबने के बाद चलाए गए खोज अभियान में NDRF को सफलता मिली। 8वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), गाजियाबाद की टीम ने लगातार खोज अभियान चलाकर बालक का शव घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर रामगंगा नदी से बरामद किया।
जिला प्रशासन की सूचना पर सक्रिय हुई NDRF टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास 15 सितम्बर 2026 को रामगंगा नदी में डूब गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन शाहजहाँपुर द्वारा उसी रात NDRF को बालक की तलाश एवं बरामदगी के लिए सूचना दी गई।
मानसून प्री-पोजिशनिंग के तहत हनुमत धाम, शाहजहाँपुर में तैनात NDRF टीम को तत्काल अभियान के लिए तैयार किया गया।
सुबह से शुरू हुआ सर्च एंड रिकवरी ऑपरेशन
16 सितम्बर की सुबह टीम कमांडर INSP/GD शिवकली धुर्वे के नेतृत्व में NDRF टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद रामगंगा नदी में बालक की तलाश के लिए Search & Recovery Operation शुरू किया गया।
NDRF के प्रशिक्षित बचावकर्मियों एवं गोताखोरों ने नदी के विभिन्न संभावित स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से गहन तलाशी अभियान चलाया। नदी की गहराई, तेज जल प्रवाह और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने लगातार खोज जारी रखी।
4 किलोमीटर दूर मिला शव
लगातार किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान NDRF टीम ने घटनास्थल से करीब 4 किलोमीटर दूर रामगंगा नदी से विकास का शव बरामद कर लिया।
शव बरामद होने के बाद आवश्यक स्थानीय औपचारिकताएं पूरी की गईं और शव को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
27 NDRF जवानों ने संभाला मोर्चा
अभियान में NDRF की ओर से INSP/GD शिवकली धुर्वे, Sub INSP वीरेंद्र सिंह, ASI धर्मेंद्र सिंह सहित कुल 27 NDRF कार्मिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
NDRF टीम ने चुनौतीपूर्ण नदी परिस्थितियों में धैर्य, तत्परता और आपसी समन्वय के साथ लगातार अभियान चलाकर शव को बरामद किया।
जल दुर्घटनाओं में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए NDRF तत्पर
NDRF द्वारा जल दुर्घटनाओं एवं अन्य आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षित टीमें तैनात की जाती हैं। शाहजहाँपुर में चलाया गया यह अभियान भी मानसून प्री-पोजिशनिंग के तहत तैनात टीम की त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव क्षमता का उदाहरण रहा।
