ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता के साथ निर्मल यादव की रिपोर्ट, सीतापुर ✍️
बिसवां, सीतापुर। तहसील बिसवां में शनिवार को जिलाधिकारी राजा गणपति आर की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 112 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल सहित तहसील एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। समाधान दिवस में अधिकांश शिकायतें राजस्व, विद्युत, विकास एवं पुलिस विभाग से संबंधित रहीं।
बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण जल्द
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की बिसवां, महमूदाबाद, लहरपुर और सदरपुर तहसीलें बाढ़ से प्रभावित हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। अब तक कराए गए सर्वे के अनुसार बिसवां तहसील में करीब 77 हजार किसान प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित किसानों के लिए शासन की ओर से 18 करोड़ रुपये की राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी के अनुसार सोमवार तक राहत राशि से संबंधित डाटा की कंप्यूटर फीडिंग पूरी होने के बाद किसानों को राहत राशि वितरित की जाएगी। इसके साथ ही मकानों का सर्वे भी कराया जा रहा है। जिन किसानों की फसलों का सर्वे किसी कारणवश छूट गया है, उनका भी सर्वे कराया जाएगा।
50 टीबी मरीजों को वितरित किया पोषाहार
समाधान दिवस के दौरान प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत दि सेकसरिया बिसवां शुगर फैक्ट्री द्वारा गोद लिए गए 50 टीबी मरीजों को पौष्टिक खाद्य सामग्री वितरित की गई। जिलाधिकारी ने मरीजों से उनका हालचाल जाना और उन्हें नियमित रूप से दवाओं का सेवन करने की अपील की।
इस अवसर पर चीनी मिल की ओर से मुख्य प्रबंधक गणेश केसरवानी एवं प्रबंधक संतोष सिंह मौजूद रहे।
बार एसोसिएशन ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नए प्रावधानों को लेकर सौंपा ज्ञापन
बार एसोसिएशन बिसवां की ओर से जिलाधिकारी को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित नए प्रावधानों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार शून्य से दो वर्ष तक की अवधि से संबंधित प्रमाण पत्रों के मामलों में उपजिलाधिकारी स्तर पर तथा इससे अधिक अवधि के मामलों में सिविल न्यायालय के माध्यम से प्रक्रिया पूरी किए जाने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अधिवक्ताओं ने इस प्रक्रिया से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका भी जताई।
वहीं, समाधान दिवस के दौरान लेखपालों ने भी अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
