ब्यूरो चीफ आमिर मिर्ज़ा, प्रयागराज ✍️
प्रयागराज। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची में नाम जोड़ने, गलतियों में संशोधन कराने और अपात्र या गलत दर्ज नामों को हटाने को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली में परिवर्धन, संशोधन और विलोपन के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नाम जोड़ने, सुधार कराने और हटाने के लिए अलग-अलग फॉर्म
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी व्यवस्था के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
इसके लिए निर्धारित प्रपत्र इस प्रकार हैं:
- प्रपत्र-2: मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए।
- प्रपत्र-3: मतदाता सूची में दर्ज विवरण में संशोधन कराने के लिए।
- प्रपत्र-4: मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए। इसके लिए आवेदन दो प्रतियों में देना होगा।
आवेदन संबंधित सामान्य निवासी से प्राप्त होने पर उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नामांकन की अंतिम तारीख के बाद नहीं होगा बदलाव
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 9(8) के अनुसार किसी पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख के बाद और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले मतदाता सूची में कोई सुधार, नाम हटाने या नया नाम जोड़ने की कार्रवाई नहीं की जा सकती।
अधिकारियों को सूची सुरक्षित रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (पंचायत) को निर्देश दिया है कि अपनी-अपनी तहसीलों के अंतर्गत आने वाले विकासखंडों की ग्राम पंचायतों से प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करें।
इसके साथ ही परिवर्धन सूची (संलग्नक-16), संशोधन सूची (संलग्नक-17) और विलोपन सूची (संलग्नक-18) तीन-तीन प्रतियों में तैयार कर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग की अधिसूचना के बाद होगी ऑनलाइन डाटा एंट्री
राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जिलों में ऑनलाइन डाटा एंट्री कराई जाएगी। इसके लिए प्रयागराज के जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) को निर्धारित सूचियों की दो-दो स्वच्छ एवं पठनीय प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और विलोपन से संबंधित आवेदनों को नियमानुसार दर्ज करना और आगामी पुनरीक्षण के दौरान उन्हें शामिल करना है।
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