सरकारी चकमार्ग पर कब्जे का आरोप, खेतों का रास्ता बंद! सम्पूर्ण समाधान दिवस में महिला ने लगाई गुहार

ब्यूरो रिपोर्टर निसार अहमद, तहसील मोहनलालगंज, लखनऊ ✍️

मोहनलालगंज (लखनऊ)। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और किसानों का रास्ता बंद होने का मामला सामने आया है। मोहनलालगंज तहसील के ग्राम सिरौण्डी, परगना निगोहां में सरकारी चकमार्ग पर कथित कब्जे से परेशान एक महिला ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने राजस्व विभाग की टीम भेजकर चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।

कांटे और तार लगाकर रास्ता बंद करने का आरोप

ग्राम केसरी खेड़ा, मजरा सिसैण्डी निवासी केतकी देवी पत्नी हरिश्चन्द्र के अनुसार, उनकी भूमि गाटा संख्या 541 और उनके पति की भूमि गाटा संख्या 627 राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। उनके खेतों तक पहुंचने के लिए चकमार्ग संख्या 540, रकबा 0.0640 हेक्टेयर, और चकमार्ग संख्या 542, रकबा 0.0060 हेक्टेयर, प्रमुख रास्ते हैं।

महिला ने आरोप लगाया कि गांव के सुरेश पुत्र नोखे, रामदयाल पुत्र मोहले, रामसेवक पुत्र बजरंगी और गुरुदेव पुत्र काशी सहित अन्य लोगों ने कथित तौर पर चकमार्ग पर कांटे और तार लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। इससे उनके साथ-साथ कई अन्य किसानों को खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।

राजस्व अभिलेखों में सरकारी चकमार्ग होने का दावा

प्रार्थिनी का कहना है कि राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 540 और 542 श्रेणी 6-2, नवीन परती के रूप में दर्ज हैं। उनके मुताबिक, भू-नक्शे में भी रास्ते की स्थिति स्पष्ट है। महिला ने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी लेखपाल और राजस्व कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

प्रशासन से पैमाइश और कार्रवाई की मांग

केतकी देवी ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज से मांग की है कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर चकमार्ग की पैमाइश कराई जाए, रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और किसानों को उनके खेतों तक आने-जाने के रास्ते से कब राहत मिलती है। मामले में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों और प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

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