ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने दोनों महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान सीएमएस की छात्राओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भावपूर्ण गायन किया। छात्राओं की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को गांधी जी के सत्य, अहिंसा, प्रेम और सद्भाव के संदेश से सराबोर कर दिया। जिलाधिकारी ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार और आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, समानता, आपसी सद्भाव और मानवता के प्रति सम्मान का उनका संदेश सदैव प्रासंगिक रहेगा। गांधी जी के विचारों को आत्मसात करने का अर्थ केवल उनके सिद्धांतों को याद करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन और आचरण में उतारना है।
उन्होंने कहा कि जब हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं, दूसरों के विचारों एवं भावनाओं का सम्मान करते हैं, समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रहते हैं तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हैं, तभी वास्तविक अर्थों में गांधी जी के विचारों को आत्मसात किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को केवल व्यक्तिगत जीवन का आदर्श नहीं बनाया, बल्कि इन्हीं मूल्यों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन का आंदोलन बनाया। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि दृढ़ संकल्प, सत्यनिष्ठा और शांतिपूर्ण प्रयासों के माध्यम से बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
इस अवसर पर देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है। ‘जय जवान-जय किसान’ का उनका संदेश देश के जवानों और किसानों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। शास्त्री जी ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि दोनों महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने शासकीय दायित्वों का पूरी निष्ठा, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप केला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शिव नारायण सिंह, अपर उपजिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

