जिला संवाददाता कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ ✍️
लखनऊ, 28 सितंबर 2026। थाना पारा पुलिस ने हार्डवेयर व्यापारी पर जानलेवा हमले के मामले में मुख्य अभियुक्त को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त रक्तरंजित लोहे की बसुली, CCTV DVR और वाई-फाई राउटर बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर की शाम ग्राम भरोसा स्थित प्रकाश हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल्स दुकान के मालिक रामप्रकाश पर दुकान के अंदर घुसकर लोहे की बसुली से हमला किया गया था। हमले में रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए लोकबंधु अस्पताल के बाद केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
घटना के संबंध में वादिनी कंचन कुरील की तहरीर पर थाना पारा में मुकदमा अपराध संख्या 677/2026 दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान वादिनी और घायल रामप्रकाश के बयानों, फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों तथा तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने घटना में ग्राम भरोसा निवासी जितेंद्र रावत उर्फ बऊआ की संलिप्तता बताई।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद अभियुक्त ने दुकान में लगे CCTV कैमरे का DVR और वाई-फाई राउटर निकालकर घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर डिघिया रोड की झाड़ियों में छिपा दिया था। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 238 की बढ़ोतरी की।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में अभियुक्त ने घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने बताया कि वह रामप्रकाश की दुकान के पास ही रहता है और उसे अपनी पत्नी के प्रति आपत्तिजनक व्यवहार का संदेह था। इसी बात को लेकर वह नाराज था और 26 सितंबर की शाम रामप्रकाश को दुकान में अकेला पाकर उस पर बसुली से हमला कर दिया। हालांकि, ये आरोप और पूछताछ में बताए गए तथ्य पुलिस के कथन पर आधारित हैं।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जितेंद्र रावत उर्फ बऊआ पुत्र स्वर्गीय रामपाल, निवासी ग्राम भरोसा, थाना पारा, लखनऊ, उम्र करीब 27 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से रक्तरंजित लोहे की बसुली, CP PLUS कंपनी का CCTV DVR और Rotech कंपनी का वाई-फाई राउटर/ONT उपकरण बरामद किया है।
अभियुक्त के विरुद्ध थाना पारा में मुकदमा अपराध संख्या 677/2026 के तहत धारा 333, 109(1), 351(3) और 238 बीएनएस में कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह, उपनिरीक्षक सुबे चन्द्र यादव, उपनिरीक्षक अजय कुमार पटेल, हेड कांस्टेबल मो. नफीस और कांस्टेबल लवलेश कुमार शामिल रहे।
