स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर। उद्यान विभाग के अधीन संचालित भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना एवं निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के क्रियान्वयन और अनुश्रवण को लेकर सोमवार को विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) अरविन्द कुमार ने की।
बैठक में निजी शीतगृह स्वामियों और आलू उत्पादक किसानों को जिला उद्यान अधिकारी पुनीत कुमार पाठक ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने योजना के संचालन की प्रक्रिया और अनुदान का लाभ लेने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में बताया।
प्रति किसान अधिकतम 20 हजार रुपये अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी के अनुसार भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के तहत आलू उत्पादक किसानों को अधिकतम 2 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्र के लिए, प्रति हेक्टेयर अधिकतम 200 क्विंटल की सीमा तक अनुदान की सुविधा दी जा रही है।
इसी प्रकार निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर भी अनुदान की व्यवस्था है। योजना के तहत भंडारण प्रभार में 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से छूट का प्रावधान बताया गया। प्रति किसान अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए आलू उत्पादक किसानों को विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण के लिए फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, रोपित आलू क्षेत्रफल की खसरा-खतौनी, शीतगृह में भंडारित आलू की मात्रा से संबंधित आमद रसीद और निकासी रसीद आदि दस्तावेज आवश्यक होंगे।
किसानों का पंजीकरण संबंधित शीतगृह स्वामी के माध्यम से कराया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अरविन्द कुमार ने सभी निजी शीतगृह स्वामियों को निर्देशित किया कि उनके शीतगृहों में भंडारित आलू के उत्पादक किसानों को योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाया जाए।
बैठक में उद्यान विभाग के कर्मचारी राकेश कुमार, विमल देवल, दिव्या यादव, गोविन्द नारायण मिश्रा, राहुल सचान, पूरन लाल यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
