प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नवीन कक्षा-कक्ष का भूमि पूजन एवं शिलान्यास, शिक्षा सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

 


ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा

बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत गुरुवार, 15 अक्टूबर को आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भगवतीगंज में नवीन कक्षा-कक्ष के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व राज्यमंत्री एवं बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम तथा चेयरमैन प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर नवीन कक्षा-कक्ष के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस पहल को विद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मिलेगा मजबूती

प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कर शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आदर्श संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भगवतीगंज में नए कक्षा-कक्ष के निर्माण से विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार होने से शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्याप्त संसाधन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

गणमान्यजनों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेन्द्र तिवारी, वरिष्ठ सभासद संजय मिश्रा, वरिष्ठ समाजसेवी राकेश चन्द्र श्रीवास्तव, भगवती प्रसाद शुक्ला, वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद चौधरी, विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुराग मिश्रा, विजय अग्रवाल, गौरव मिश्र सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। नवीन कक्षा-कक्ष का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

Previous Post Next Post