स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर, 27 अक्टूबर 2026। जनपद में चोरी, लूट, नकबजनी और स्नैचिंग जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शाहजहाँपुर पुलिस ने अभ्यस्त अपराधियों की निगरानी और सुधार के उद्देश्य से विशेष अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मंगलवार को तीन गांवों में कम्युनिटी रीच प्रोग्राम आयोजित कर पुलिस-जनसंवाद किया गया। इस दौरान यक्ष ऐप पर प्रदर्शित और पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में सामने आए व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा उन्हें अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
तीन गांवों में चला जागरूकता अभियान
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने क्षेत्राधिकारी परशुरामपुरी के साथ थाना परशुरामपुरी क्षेत्र के ग्राम सराय सांधौ में कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं, क्षेत्राधिकारी सदर ने थाना मदनापुर के ग्राम पंखीखेड़ा और थाना निगोही के ग्राम ईशापुर में संबंधित व्यक्तियों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और सुधारात्मक प्रयासों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सराय सांधौ में आयोजित कार्यक्रम में गांव के संभ्रांत नागरिकों और महिला-पुरुषों को अपराध से दूर रहने, कानून का पालन करने और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए जागरूक किया गया। पुलिस के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम पूर्व में प्रदेश के विभिन्न जनपदों और अन्य राज्यों में चोरी, लूट, नकबजनी तथा स्नैचिंग जैसी घटनाओं के संबंध में सामने आए थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्तियों को सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन उनकी गतिविधियों और आचरण पर नियमानुसार निगरानी भी रखी जाएगी। आधुनिक एआई तकनीक, सर्विलांस और बीट पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
थाना स्तर पर समीक्षा बैठक, पुलिस को निर्देश
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने थाना परशुरामपुरी में थाना प्रभारी तथा ग्राम सराय सांधौ और हल्का संख्या-05 से संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें यक्ष ऐप की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए संबंधित व्यक्तियों के वर्तमान आचरण, गतिविधियों, संपर्कों और आवागमन के संबंध में आवश्यक सूचना संकलित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिसकर्मियों से कहा गया कि यदि उपलब्ध तथ्यों से किसी व्यक्ति के दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की आशंका सामने आती है, तो नियमानुसार प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए। सराय सांधौ में पुलिस बल ने स्थानीय नागरिकों के साथ पैदल मार्च भी किया और लोगों से संवाद कर क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
निगरानी के लिए तय किए गए कई बिंदु
पुलिस ने अपराध नियंत्रण और अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। इसमें जमानतदारों का सत्यापन, जमानत पर रिहा होकर दोबारा अपराध में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों के मामलों की समीक्षा और आवश्यक होने पर सक्षम न्यायालय में जमानत निरस्तीकरण की प्रक्रिया शामिल है।
इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के अंतर्गत तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार निरोधात्मक कार्रवाई, तीनों गांवों से प्राप्त शिकायतों की क्षेत्राधिकारी स्तर पर निगरानी तथा संबंधित व्यक्तियों के विस्तृत डोजियर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीट पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने, जरूरत के अनुसार बीट क्षेत्र की समीक्षा करने और पुलिस की स्थानीय मौजूदगी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। संबंधित व्यक्तियों के आवागमन की नियमानुसार निगरानी, जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो (DCRB) द्वारा साप्ताहिक समीक्षा और न्यायालय से जुड़े मामलों के समयबद्ध अनुपालन के लिए थानों में अलग व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हिस्ट्रीशीट, गैंग और संपत्ति की होगी नियमानुसार समीक्षा
पुलिस के अनुसार, जिन व्यक्तियों के विरुद्ध पांच या उससे अधिक मुकदमे दर्ज हैं, उनके आपराधिक इतिहास की समीक्षा कर निर्धारित मानकों और विधिक प्रावधानों के अनुसार हिस्ट्रीशीट खोलने तथा गैंग संबंधी कार्रवाई की आवश्यकता का परीक्षण किया जाएगा। इसी तरह, संपत्ति और वाहनों के संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन किया जाएगा। अपराध से अर्जित संपत्ति या अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहनों के संबंध में तथ्य और साक्ष्य मिलने पर लागू कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत बीट पुलिसकर्मियों को सूचना संकलन और जनविश्वास मजबूत करने पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। घर-घर भ्रमण और लक्षित निरोधात्मक कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को भी शामिल करने तथा प्रत्येक कार्रवाई को तथ्यों और कानून के आधार पर करने पर जोर दिया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी पूरे समुदाय को निशाना बनाए बिना व्यक्तिगत तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहाँपुर पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराध की रोकथाम, अपराध की पुनरावृत्ति पर अंकुश, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करना है। इसके लिए तकनीक आधारित निगरानी, प्रभावी बीट पुलिसिंग, पुलिस-जनसंवाद और सुधारात्मक प्रयासों को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
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