ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। जनपद में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा योजना) के अंतर्गत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी एवं मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान कृषि विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जनपद के लाभार्थी किसानों ने भी प्रतिभाग किया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और कृषि क्षेत्र में नवाचारों को अपनाकर किसानों की उत्पादकता एवं आय में वृद्धि की जा सकती है। इसके लिए किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ फसल विविधीकरण, उन्नत बीजों, आधुनिक कृषि यंत्रों और नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में फसल विविधीकरण को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को दलहन, तिलहन, बागवानी, सब्जी उत्पादन सहित अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे अपनी कृषि भूमि और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों, मिट्टी की उर्वरता और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। फसल विविधीकरण से न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय के स्रोतों का भी विस्तार होगा।
जिलाधिकारी ने आत्मा योजना के तहत किसानों के प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के किसानों को देश एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि शोध संस्थानों का भ्रमण कराया जाए, जिससे वे आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल प्रजातियों और सफल कृषि मॉडलों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों को नई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि अन्य किसान भी उनसे सीख लेकर लाभान्वित हो सकें।
जिलाधिकारी ने संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण और उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं तकनीकी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लाभकारी फसलों के चयन के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आत्मा योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि की नवीनतम तकनीकों एवं शोध आधारित जानकारियों को सीधे किसानों तक पहुंचाना है, जिससे खेती की लागत कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सके।
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों के प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा अधिक से अधिक किसानों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने उपस्थित किसानों से संवाद कर उनकी कृषि संबंधी समस्याओं एवं सुझावों पर भी चर्चा की और आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी, लाभार्थी कृषक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
