प्रधान संपादक मो शोएब की रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी, 26 मार्च 2025 – भारतीय किसान मजदूर यूनियन-दशहरी के नेतृत्व में आज लखीमपुर खीरी में एक विशाल किसान महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन पर जमकर हमला बोला। महापंचायत के अंत में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा,
"जब तक उद्योगपतियों की सरकार देश में रहेगी, तब तक किसानों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा। हमें एक बार फिर चौधरी चरण सिंह जी के समय में लौटना होगा। उनका कहना था कि किसान का एक पैर खेत में और दूसरा संसद में होना चाहिए, जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता।"
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
किसानों ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण उनकी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। यूनियन ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
किसानों ने आरोप लगाया कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। संगठन ने सरकार से जल्द से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की।
किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसलों के समर्थन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही।
यूनियन ने मांग की कि सरकारी खरीद प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले।
किसानों ने इसे अनुचित बताते हुए सरकार से इसे तुरंत हटाने की मांग की।
महापंचायत के अंत में भारतीय किसान मजदूर यूनियन-दशहरी के पदाधिकारियों ने किसानों की मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
यूनियन के अध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रशासन जल्द से जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान करे, अन्यथा किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
लखनऊ
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