योगेंद्र सिंह यादव, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर
शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उस समय हलचल मच गई जब एक व्यक्ति द्वारा अपने ही गांव के दूसरे व्यक्ति के नाम से झूठी घटना दर्शाते हुए फर्जी प्रार्थना पत्र दिए जाने का मामला प्रकाश में आया। उक्त प्रकरण पर पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि फर्जी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना एक गंभीर अपराध है और इस संबंध में जांचोपरांत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अपनी बाइट में बताया कि प्राप्त प्रार्थना पत्र की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा जिस घटना का उल्लेख किया गया, वह तथ्यहीन एवं मनगढ़ंत है। साथ ही, उसने यह प्रार्थना पत्र गांव के ही एक निर्दोष व्यक्ति के नाम पर प्रस्तुत किया, जिससे उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंच सकता था।
एसपी ने यह भी कहा कि इस प्रकार की झूठी शिकायतें पुलिस संसाधनों की बर्बादी के साथ-साथ निर्दोष व्यक्तियों की मानहानि भी करती हैं, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। संबंधित थाने को आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु निर्देशित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की कि वे सत्य तथ्यों के आधार पर ही पुलिस को सूचित करें और यदि कोई फर्जीवाड़ा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
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लखनऊ
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