शाहजहाँपुर, 30 दिसम्बर 2025।
न्यू जनता ऑटो एवं ई-रिक्शा चालक यूनियन, उत्तर प्रदेश ने जनपद शाहजहाँपुर के वाहनों को फिटनेस (स्वस्थता प्रमाण पत्र) के लिए बरेली स्थित ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) भेजे जाने के आदेश पर कड़ा विरोध जताया है। यूनियन पदाधिकारियों ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी शाहजहाँपुर के माध्यम से सौंपते हुए इस व्यवस्था को अत्यंत कष्टप्रद बताया।
यूनियन के प्रदेश प्रभारी पवन कुमार शर्मा ने बताया कि शासनादेश दिनांक 17.11.2005 के क्रम में 01 जनवरी 2026 से शाहजहाँपुर के समस्त वाहनों को बरेली जाकर फिटनेस करानी होगी, जबकि दोनों जनपदों के बीच लगभग 80 किलोमीटर की दूरी है। यह दूरी छोटे व सीमित परमिट वाले वाहनों के लिए नियमों के विरुद्ध है और व्यावहारिक रूप से असंभव भी।
ज्ञापन में कहा गया है कि ऑटो रिक्शा का परमिट केवल 16 किलोमीटर तथा टैम्पो आदि का 40 किलोमीटर तक सीमित होता है। परमिट सीमा से बाहर जाने पर चालान, वाहन सीज और शोषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं ई-रिक्शा का नेशनल हाईवे पर संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित है, साथ ही एक बार फुल चार्ज होने पर ई-रिक्शा 60–70 किलोमीटर से अधिक नहीं चल पाता, जिससे बरेली जाकर वापस आना बेहद कठिन हो जाता है।
यूनियन ने यह भी अवगत कराया कि स्कूलों में बच्चों के आवागमन में लगे छोटे वाहन, बस व मिनी बस स्थानीय परमिट पर चलते हैं। ऐसे में बरेली जाने पर न केवल परमिट उल्लंघन होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी। परिवहन विभाग की अनुबंधित रोडवेज गाड़ियों और भारी वाहनों जैसे ट्रक व टैंकरों को भी फिटनेस के लिए बरेली भेजना आर्थिक और व्यावहारिक रूप से भारी कठिनाई उत्पन्न करेगा।
यूनियन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि जब तक जनपद शाहजहाँपुर में ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वाहनों की फिटनेस की प्रक्रिया पूर्व की भांति शाहजहाँपुर में ही संपन्न कराई जाए और वाहनों को बरेली भेजने की बाध्यता पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन पर दुर्गेश शुक्ला, जिराजला अवस्थी, अली अहमद, राजीव, अवर शंकर लाल, आजाद, धर्मेन्द्र एवं श्रीपाल सहित कई वाहन चालकों व यूनियन सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। यूनियन ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेकर हजारों वाहन चालकों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
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