शाहजहाँपुर।
निजी विद्यालयों द्वारा प्रतिवर्ष फीस बढ़ाए जाने, यूनिफॉर्म में बार-बार परिवर्तन तथा पुस्तकों को किसी विशेष दुकान अथवा विद्यालय से ही खरीदने की अनिवार्यता को लेकर अभिभावकों की शिकायतों के दृष्टिगत प्रशासन ने सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कोई भी विद्यालय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक फीस वृद्धि नहीं करेगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी विद्यालय द्वारा पिछले वर्ष प्रयोग में लाई गई यूनिफॉर्म में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
पुस्तकों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए यह तय किया गया कि दिनांक 31 जनवरी 2026 से पूर्व सभी विद्यालय अपनी-अपनी वेबसाइट पर आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रयोग होने वाली सभी पुस्तकों की पूरी सूची, पुस्तक का नाम, प्रकाशक का नाम एवं अन्य विवरण के साथ उपलब्ध कराएंगे। इससे अभिभावक पुस्तकों को किसी भी दुकान अथवा स्थान से खरीद सकेंगे और किसी विशेष विक्रेता पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त विद्यालयों द्वारा इस बात पर भी सहमति व्यक्त की गई कि वे पिछले शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों से उपयोग योग्य पुस्तकें एकत्र करेंगे और जिन छात्रों को आवश्यकता होगी, उन्हें उपलब्ध कराएंगे, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को राहत मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन एवं जिला प्रशासन का उद्देश्य आगामी शैक्षणिक सत्र में किसी भी विद्यार्थी अथवा अभिभावक का शोषण रोकना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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