संवाददाता, हरदोई
हरदोई। जनपद हरदोई के हरपालपुर सर्किल के क्षेत्राधिकारी सतेन्द्र सिंह की कार्यशैली को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी संगठन) और संयुक्त किसान मोर्चा भारत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि क्षेत्राधिकारी द्वारा गरीबों, दलितों, पिछड़ों और किसानों की शिकायतों की अनदेखी की जाती है, जबकि प्रभावशाली और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।
आरोप है कि कई मामलों में पीड़ितों की तहरीर नहीं ली गई और उल्टे पीड़ितों के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज कर दिए गए। संगठन के अनुसार, एक मामले में किसान का हाथ टूटने के बावजूद उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जबकि पीड़ित के खिलाफ ही कार्रवाई कर दी गई। बताया गया कि पूर्व में सण्डीला सर्किल में तैनाती के दौरान भी ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर तत्कालीन पुलिस कप्तान से शिकायत करनी पड़ी थी, जिसके बाद पीड़ितों के मुकदमे दर्ज हो सके थे।
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| झगड़े में घायल किसान, टूटा हुआ हाथ दिखाते हुए पीड़ित |
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी संगठन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन में भ्रष्ट अधिकारियों के चलते पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधीक्षक से मिलने के प्रयास के दौरान पीआरओ स्तर पर ही पीड़ितों को लंबे समय तक बैठाए रखा गया और मुलाकात नहीं होने दी गई।
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| पीड़ित के टूटे हाथ का एक्सरे |
इन आरोपों के विरोध में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी संगठन) एवं संयुक्त किसान मोर्चा भारत ने 12 जनवरी से हरदोई पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। संगठन की मांग है कि हरपालपुर के क्षेत्राधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।
संगठन ने जनपद हरदोई के सभी किसानों और कार्यकर्ताओं से आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा।
समाचार लिखे जाने तक इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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