स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहांपुर, 11 दिसंबर 2025
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग—विशेषकर बालिकाओं, महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, श्रमिकों तथा कमजोर तबकों—को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बच्चों के संरक्षण, विकास और पुनर्वास के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य योजनान्तर्गत व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
मिशन वात्सल्य (पूर्व में बाल संरक्षण सेवा योजना) का मुख्य उद्देश्य भारत के प्रत्येक बच्चे को—
✔ सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल बचपन देना
✔ परिवार आधारित देखभाल हेतु उपयुक्त वातावरण तैयार करना
✔ शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण और पुनर्वास से जुड़े अवसर उपलब्ध कराना
यह मिशन बच्चों को केवल संस्थागत देखभाल तक सीमित नहीं रखता, बल्कि परिवार आधारित पुनर्वास को प्राथमिकता देता है। यह योजना किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुरूप सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में लागू है और केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच 60:40 की लागत साझेदारी में संचालित होती है।
योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं:
घर से भागे हुए, गुमशुदा, तस्करी के शिकार, कामकाजी, बाल भिखारी, नशे की प्रवृत्ति वाले या सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय गृह संचालित हैं, जहाँ—
प्रदेश की इन संस्थाओं में बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ रखा जाता है, जहाँ शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
75 जनपदों में 75 राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित हैं, जहाँ अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बच्चों को नए परिवार मिलते हैं।
वर्ष 2017-18 से 2025 तक
➡ 1,00,000 से अधिक बच्चों को उनके माता-पिता/अभिभावकों से पुनः मिलाया गया।
राज्य के संरक्षण गृहों से
➡ 5,000 से अधिक किशोरों/महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उनकी आजीविका सुनिश्चित की गई।
मिशन वात्सल्य उत्तर प्रदेश में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास के लिए सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक बन चुका है। यह न केवल बच्चों के जीवन को संवारने का कार्य कर रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की राह भी दिखा रहा है।
सरकार के ये प्रयास भविष्य की पीढ़ी को मजबूत बनाकर समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान दे रहे हैं—यही मिशन वात्सल्य की वास्तविक सफलता है।
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