ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी
सीतापुर।
अवैध वसूली के प्रयास में नाकाम रहने के बाद अफवाहपूर्ण और भ्रामक खबरें प्रकाशित कर एक प्रशासनिक अधिकारी की छवि धूमिल करना एक कथित पत्रकार को भारी पड़ गया। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पत्रकार को तलब करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार, विकास खंड सकरन में तैनाती के दौरान एक ग्राम पंचायत अधिकारी पर कथित पत्रकार द्वारा जबरन विज्ञापन प्रकाशन के नाम पर अवैध धन उगाही का दबाव बनाया गया। जब इस प्रयास में सफलता नहीं मिली, तो संबंधित पत्रकार पर आरोप है कि उसने अफवाहपूर्ण और भ्रामक समाचार प्रकाशित कर अधिकारी की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना दी।
पीड़ित अधिकारी ने इससे आजिज आकर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में परिवादी पक्ष और साक्ष्य स्वरूप प्रस्तुत गवाहों को सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश ने प्रथम दृष्टया मामला पाए जाने पर आरोपी राजकुमार मिश्रा उर्फ अनूप मिश्रा को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 तथा बीएनएस की धारा 356 के तहत तलबी समन जारी करने का आदेश दिया है।
न्यायालय के इस आदेश से जहां आमजन में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है, वहीं इस तरह की संकीर्ण मानसिकता और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में भय का माहौल भी बना है। जानकारों का मानना है कि ऐसे फैसले समाज में हो रहे दोहन और दबाव की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध होंगे।
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