शाहजहाँपुर। स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के वाणिज्य विभाग में आयोजित प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम के अंतर्गत चौथे दिन “स्व-प्रेरणा की तकनीकें” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली की इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. प्रिया सक्सेना रहीं।
अपने संबोधन में डॉ. प्रिया ने कहा कि लोकप्रिय नेताओं की कार्यशैली का अध्ययन कर उनके आचरण से नेतृत्व के गुण सीखे जा सकते हैं। उन्होंने आंतरिक प्रेरणा, लक्ष्य पर एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता की मूल कुंजी बताते हुए कहा कि ये तत्व न केवल निरंतरता बनाए रखते हैं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तिगत नेतृत्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया।
डॉ. प्रिया ने स्व-प्रेरणा की व्यावहारिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए टालमटोल की प्रवृत्ति त्यागने, अच्छी आदतों का निर्माण करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा चुनौतियों और असफलताओं के समय स्वयं को प्रेरित रखने के उपाय बताए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जागृति गुप्ता ने चंदन तिलक एवं डॉ. बरखा सक्सेना ने पटका पहनाकर मुख्य वक्ता का सम्मान किया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग अग्रवाल, डॉ. शिवानी भारद्वाज, डॉ. कमलेश गौतम, डॉ. बलवीर, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. केशव, बृज लाली, पोथी राम सिंह, अपर्णा त्रिपाठी, डॉ. मोहनी शंकर सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व विकास, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया गया।
लखनऊ
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