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जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर डीएम की अध्यक्षता में बैठक, 22 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर।

जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक कैंप कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने जनगणना-2027 से संबंधित तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने बताया कि भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण, यानी मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य उत्तर प्रदेश में पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। यह कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक सम्पन्न कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया शुरू होने से 15 दिन पूर्व स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

डीएम ने निर्देश दिए कि जनगणना से संबंधित सभी कार्य जैसे पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण, जनगणना ब्लॉक का गठन, स्लम ब्लॉक का गठन, प्रगणक एवं सुपरवाइजर की नियुक्ति तथा उनका प्रशिक्षण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए ब्लॉक काटने का कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिया जाए और इस महत्वपूर्ण कार्य में पूरी सावधानी बरती जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि चार्ज ऑफिसर, फील्ड ट्रेनर, सुपरवाइजर तथा प्रगणकों को जनगणना प्रक्रिया, परिभाषाओं, हाउस लिस्टिंग, लेआउट मैप तथा आंकड़ा संकलन की विधियों के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाए। जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रपत्रों को सही ढंग से भरने और सूचनाओं का सत्यापन करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रगणकों को एमएलबी एप इंस्टॉल कर घर-घर जाकर मोबाइल एप के माध्यम से सूचनाएं दर्ज करनी होंगी और डेटा को नियमित रूप से सिंक करना होगा। यदि किसी परिवार द्वारा स्वगणना की गई है तो एसई आईडी के माध्यम से उसका सत्यापन कर आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा।

पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र के सभी हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी ब्लॉक छूट न जाए और न ही उसका दोहराव हो। साथ ही वे प्रत्येक प्रगणक के कार्य की नियमित निगरानी भी करेंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके आधार पर सरकार विभिन्न योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है। इसलिए इसे पूरी पारदर्शिता, गंभीरता और सावधानी के साथ संपन्न कराया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराजिता सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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