ब्यूरो रिपोर्ट: कल्लू उर्फ रजनीश, लखनऊ ✍️
लखनऊ (काकोरी/रहीमाबाद)। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी संगठन) ने थाना रहीमाबाद पुलिस पर किसानों, महिलाओं एवं आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार, उत्पीड़न और कर्तव्य में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में यूनियन की ओर से पुलिस उपायुक्त (उत्तरी), कमिश्नरेट लखनऊ को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव के नेतृत्व में दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि थाना क्षेत्र में पीड़ितों की शिकायतों पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है और कई मामलों में पुलिस द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
महिला किसान के साथ अभद्रता का आरोप
प्रार्थना पत्र में ग्राम सुरगौला निवासी महिला किसान रुकमणी के मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि थाना प्रभारी द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़िता को कई दिनों तक थाने पर बुलाया गया, लेकिन न तो मेडिकल कराया गया और न ही मुकदमा दर्ज किया गया।
धमकी और कार्रवाई न होने का आरोप
एक अन्य मामले में रेहान नामक पीड़ित को कथित तौर पर अवैध हथियार दिखाकर धमकाया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों से मारपीट का भी आरोप
पत्र में 15 सितंबर 2025 की घटना का भी जिक्र किया गया, जिसमें आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रात्रि गश्त के दौरान ग्रामीणों के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
रिश्वत मांगने का आरोप
यूनियन ने एक अन्य प्रकरण में थाना रहीमाबाद पुलिस पर ₹50,000 रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है, जिसका ऑडियो साक्ष्य होने का दावा किया गया है। इस संबंध में पूर्व में सहायक पुलिस आयुक्त मलिहाबाद को भी शिकायत दी जा चुकी है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि सभी प्रकरणों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसान व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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