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विकास योजनाओं में अनियमितताओं के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

 

ब्यूरो चीफ शास्त्र तिवारी बहराइच ✍️

बहराइच। जनपद Bahraich के Chittaura Block अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुर माफी में विकास योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकांश विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में सफाई व्यवस्था के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च दर्शाई गई है, लेकिन गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति इसके विपरीत है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और नियमित सफाई का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता। ग्रामीणों का कहना है कि कागजों में बजट खर्च हो गया, लेकिन जमीन पर सफाई व्यवस्था लगभग नदारद है।

इसी तरह हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च दिखाए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं और कई जगहों पर पानी की समस्या अब भी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मरम्मत और रीबोर के लिए निकाली गई धनराशि का उपयोग आखिर कहां हुआ।

गांव के आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यहां लंबे समय से नियमित शिक्षण या पोषण संबंधी गतिविधियां नहीं चल रही हैं। भवन जर्जर अवस्था में है और परिसर के आसपास खेती होने की बात भी सामने आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र का उपयोग अपने मूल उद्देश्य के लिए नहीं हो रहा है।

शौचालय योजना की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। कई स्थानों पर बने शौचालय टूटे-फूटे या अनुपयोगी हालत में पड़े हैं। कुछ जगहों पर ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य ठीक से नहीं कराया गया, जबकि कागजों में योजना पूरी दिखा दी गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लगभग हर योजना में अनियमितताओं की चर्चा है। Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (मनरेगा) समेत कई योजनाओं में पहले भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब इस संबंध में पंचायत के प्रधान से सवाल किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर सख्त लहजे में जवाब देते हुए कहा कि “जो करना हो कर लो”, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वित्तीय अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से आम जनता तक पहुंच सके।

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