Breaking News

जिलाधिकारी ने जनगणना, फार्मर रजिस्ट्री एवं हीट वेव से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 25 अप्रैल।

 जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनगणना, फार्मर रजिस्ट्री एवं हीट वेव से बचाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा बैठक कैंप कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्यों में जियो टैगिंग, डी-मार्केशन एवं चौहद्दी कार्य की गति धीमी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि एक दिवस के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण से वंचित प्रगणक एवं सुपरवाइजरों को 28, 29 एवं 30 अप्रैल को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि 10 सुपरवाइजरों पर एक जिला स्तरीय अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए, जो उनके कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा। स्व-गणना को बढ़ावा देने के लिए ग्राम प्रधानों एवं नगर निकाय अध्यक्षों के साथ बैठक कर लोगों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।

फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिस किसान का नाम खतौनी में दर्ज है, उसकी शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।

हीट वेव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शेल्टर हाउस एवं पेयजल हेतु लगाए गए वाटर कूलरों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोवंशों के लिए पेयजल एवं छाया की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। हीट वेव से बचाव के लिए टाट के बोरों के पर्दे लगाए जाएं तथा उन पर नियमित पानी का छिड़काव किया जाए।


उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए दो-दो बेड आरक्षित किए जाएं। स्कूलों में प्रत्येक घंटे पर वॉटर ब्रेक सुनिश्चित किया जाए, बच्चों को छाया में बैठाकर पढ़ाया जाए तथा उनसे कोई भी अतिरिक्त कार्य न कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जहां बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां श्रमिकों के लिए हीट वेव से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही सभी पेट्रोल पंपों पर सार्वजनिक उपयोग के लिए पेयजल, शौचालय एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाएं।

जनपद के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर भी समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वास्तविक विद्युत आपूर्ति की जानकारी से उन्हें अवगत कराना सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments