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शाहजहाँपुर में सामाजिक सुरक्षा का अभेद्य कवच: वृद्धावस्था पेंशन और सामूहिक विवाह योजना से बदला लाखों चेहरों का भाग्य; आंकड़ों में देखें प्रगति

[ विशेष रिपोर्ट / सामाजिक सशक्तिकरण ]

स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर | 19 अप्रैल, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज - विकास विश्लेषण

शाहजहाँपुर जनपद में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक खुशहाली पहुँचाने का कार्य किया है। वृद्धावस्था पेंशन और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया है, बल्कि निर्धन परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी दिया है।

वृद्धावस्था पेंशन: बुजुर्गों का सम्मान

वर्ष 2012 से 2025 तक के आंकड़े गवाह हैं कि बुजुर्गों को मिलने वाली सहायता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है:

  • 2012 से मार्च 2017 तक: 80,432 लाभार्थी | ₹12,999.47 लाख वितरित
  • अप्रैल 2017 से दिसम्बर 2025 तक: 1,10,933 लाभार्थी | ₹73,001.52 लाख वितरित

पारदर्शिता: DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पैसा और समय-समय पर भौतिक सत्यापन।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: बेटियों का संबल

1 अप्रैल 2025 से प्रति जोड़ा सहायता राशि बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है।

मद धनराशि
वधू के बैंक खाते में ₹60,000
सामग्री (कपड़े, बर्तन, गहने) ₹25,000
आयोजन व्यय (टेंट, भोजन) ₹15,000

उपलब्धि: वर्ष 2017 से 2025 तक 10,933 कन्याओं का विवाह संपन्न, जिस पर ₹5,870.77 लाख व्यय हुए।

तकनीकी सुरक्षा: फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब विवाह में बायोमेट्रिक फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही मिले।

सामाजिक प्रभाव: इन योजनाओं ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। सामूहिक विवाह के माध्यम से सभी धर्मों और समुदायों के रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया जा रहा है। शासन की मंशा है कि 'बेटी का सपना, सरकार का संकल्प' हर घर में साकार हो।

"सशक्त समाज, सुरक्षित भविष्य - सच की आवाज वेब न्यूज"

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