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लखनऊ: निदेशक अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में 'पंचायत सामान्य लाभ...

 

🏛️ पंचायतीराज विभाग / उच्चस्तरीय परामर्श समिति बैठक
✍️ स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
📅 लखनऊ | 20 मई, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — लोहिया भवन अलीगंज: प्रदेश भर के दिग्गज ग्राम प्रधानों और विभागीय शीर्ष अधिकारियों के मध्य विधिक मंथन

खनऊ के अलीगंज स्थित लोहिया भवन (प्लाट संख्या ६, सेक्टर-ई) में आज पंचायतीराज विभाग की एक बेहद महत्वपूर्ण और समयबद्ध विधिक बैठक संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश पंचायत सामान्य लाभ निधि परामर्श समिति की यह उच्चस्तरीय बैठक पंचायतीराज निदेशक श्री अमित कुमार सिंह की गरिमामयी अध्यक्षता में दोपहर ०१:०० बजे से आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय शुचिता, सुशासन और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को लेकर ७ अत्यंत गंभीर एजेंडा बिंदुओं पर गहन विधिक मंथन किया गया। बैठक में निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आमंत्रित किए गए विशिष्ट व राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

📊 आय-व्ययक का विधिक अनुमोदन एवं पूर्व बैठकों की पुष्टि:

समिति द्वारा सर्वसम्मति से पूर्व में आयोजित बैठक (दिनांक १० जून २०२५) की विधिक कार्यवाहियों की पुष्टि की गई। इसके साथ ही उ०प्र० पंचायत सामान्य लाभ निधि के मद से 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के वित्तीय लेखा-जोखा (आय-व्ययक) का गहनता से विधिक परीक्षण कर उसका आधिकारिक अनुमोदन किया गया। बैठक में संयोजक के वार्षिक प्रतिवेदन सहित नवीन वित्तीय वर्ष २०२६-२७ के अनुमानित आय-व्यय के विज़न डॉक्यूमेंट को भी विधिक हरी झंडी दी गई।

📋 परामर्श समिति की बैठक में समीक्षा किए गए प्रमुख वित्तीय व प्रशासनिक एजेंडा बिंदु:
क्र०सं० 📝 आधिकारिक विधिक एजेंडा एवं स्वीकृत मदें
1 परामर्श समिति की पूर्व बैठक दिनांक-10.06.2025 की विधिक कार्यवाही की पुष्टि।
2 उ०प्र० पंचायत सामान्य लाभ निधि के मद से दिनांक-01.04.2025 से दिनांक 31.03.2026 तक के आय-व्ययक का पूर्ण अनुमोदन।
3 संयोजक का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाना तथा आगामी वित्तीय वर्ष, 2026-27 के आय-व्यय का विधिक अनुमोदन।
4 निधि के अंतर्गत नियमित वेतनमान पर नियुक्त ०५ वाहन चालकों, ०३ कनिष्ठ लिपिकों के वेतन भुगतान तथा नियत वेतन पर कार्यरत तृतीय श्रेणी के ०१ कर्मी एवं दैनिक वेतन पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के ०३ कर्मचारियों के पारिश्रमिक पर होने वाले व्यय की विधिक समीक्षा।
5 शासन एवं निदेशालय से सम्बद्ध ०४ राजकीय वाहनों के पी०ओ०एल०/मरम्मत पर होने वाले व्यय तथा समय-समय पर विधिक रूप से किराये पर लिए गए वाहनों के भुगतान का वित्तीय प्राकलन।
6 शासन व निदेशालय स्तर पर आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठकों (Review Meetings) की प्रशासनिक व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यों पर होने वाले अनुमानित व्यय का अनुमोदन।
7 पंचायतीराज समिति द्वारा ग्राम पंचायतों से सम्बन्धित ऑडिट प्रस्तरों (Audit Paras) की समीक्षा बैठकों के सुचारू संचालन हेतु फोटोकॉपी कराने एवं विभागीय बुकलेट्स की स्पाइरल बाइंडिंग पर होने वाले आवश्यक अनुमानित व्यय की स्वीकृति।
👥 बैठक में उपस्थित शीर्ष अधिकारियों एवं देश के मॉडल ग्राम प्रधानों का विवरण:

इस उच्चस्तरीय परामर्शदात्री बैठक की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए शासन द्वारा नामित निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं देश-प्रदेश में अपने विकास कार्यों की नजीर पेश करने वाले माननीय ग्राम प्रधान मुस्तैदी से उपस्थित रहे:

  • विभागीय प्रशासनिक विंग: संयुक्त निदेशक (पं०) / अपर निदेशक (प्रशा०), पंचायतीराज निदेशालय, उ०प्र० एवं उपनिदेशक (पं०) वित्त आयोग, पंचायतीराज, उत्तर प्रदेश।
  • अनुसंधान विंग: निदेशक, विकास अन्वेषण एवं प्रयोग प्रभाग, कालाकांकर हाउस, लखनऊ।
  • श्रीमती नीरज: प्रबुद्ध महिला ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत-रायपुर दहेली, जनपद-अलीगढ़।
  • श्री दिलीप त्रिपाठी: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत-हंसुड़ी औसानपुर, जनपद-सिद्धार्थनगर।
  • श्री ओमकार पाल: कर्मठ ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत-ऐरी रमपुरा, जनपद-जालौन।
  • श्री देवानन्द परिहार: सजग ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत-विप्रवली, जनपद-आगरा।
  • श्री अनिल कुमार गुप्ता: शाहजहाँपुर जिले के प्रबुद्ध ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत-भटपुरा रसूलपुर, जनपद-शाहजहाँपुर।
ऑडिट प्रस्तरों के निस्तारण और वित्तीय पारदर्शिता पर रहेगा विशेष फोकस: अमित कुमार सिंह

"पंचायत सामान्य लाभ निधि का उपयोग त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए विधिक रूप से किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के ऑडिट प्रस्तरों की समयबद्ध समीक्षा बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी स्तर पर विसंगतियां न रहें। समिति में शामिल देश के मॉडल प्रधानों के व्यावहारिक अनुभव और विधिक इनपुट के आधार पर ही हम आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना को और अधिक जन-हितैषी व परिणामोन्मुखी बना रहे हैं।"

बैठक के अंत में निदेशालय के उपनिदेशक (वित्त आयोग) द्वारा उपस्थित सभी माननीय प्रधानों व तकनीकी विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया गया। इस बैठक के सफल संपादन और समयबद्ध एजेंडा की विधिक संस्तुतियों से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास, ऑडिटिंग मैकेनिज्म और डिजिटल सुशासन को एक नई गति व पारदर्शिता प्राप्त होगी, जिससे कलेक्ट्रेट व विकास भवन से लेकर ग्राम सचिवालयों तक जवाबदेही तय की जा सकेगी।

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📈 सुदृढ़ पंचायत, सशक्त उत्तर प्रदेश — विधिक पारदर्शिता और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ ग्रामीण विकास की ओर अग्रसर पंचायतीराज विभाग।

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