लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। पुलिस द्वारा कोर्ट के गैर-जमानती वारंट (NBW) के तहत जेल भेजे गए एक युवक अनुज यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजधानी में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस कस्टडी के दौरान बर्बरतापूर्वक की गई पिटाई की वजह से ही युवक की जान गई है।
"मृतक के आक्रोशित परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोषी माती चौकी प्रभारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार बिल्कुल नहीं करेंगे। न्याय न मिलने की स्थिति में परिजनों द्वारा बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी गई है।"
कस्टोडियल डेथ (पुलिस अभिरक्षा में मौत) जैसे संगीन आरोपों के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के उच्चाधिकारियों में खलबली मच गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए नियमानुसार डॉक्टरों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी होगी। मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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