बलरामपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई जा रही कड़ी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एंटी करप्शन टीम (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) को एक बड़ी विधिक सफलता हाथ लगी है। जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय में तैनात एक घूसखोर पटल बाबू को टीम ने रंगे हाथों घूस लेते हुए विधिक कस्टडी में ले लिया। एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक **मोहनलाल जायसवाल** को ₹5,000 की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। इस औचक कार्रवाई से पूरे स्वास्थ्य महकमे और विकास भवन के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
विधिक सूत्रों से प्राप्त संक्षिप्त विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता **श्री शिवचरण लाल** समाज कल्याण विभाग में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व एक मान्यता प्राप्त अस्पताल में अपना इलाज कराया था। इलाज की समाप्ति के पश्चात, उन्होंने विधिक नियमानुसार अपनी चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के बिल और वाउचर भुगतान की विधिक स्वीकृति हेतु सीएमओ कार्यालय के पटल पर प्रस्तुत किए थे। संबंधित पटल बाबू मोहनलाल जायसवाल द्वारा अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित करने के चलते इस विधिक भुगतान की फाइल को काफी समय से टालमटोल कर लटकाया जा रहा था।
| 👤 अभियुक्त का आधिकारिक प्रोफाइल | ⚖️ विधिक ट्रैप एवं बरामदगी का रिकॉर्ड |
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• नाम: मोहनलाल जायसवाल • पदनाम: वरिष्ठ सहायक (पटल बाबू) • तैनाती स्थान: मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय, बलरामपुर • विधिक स्टेटस: विधिक रिमांड हेतु सक्षम भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेशी। |
• शिकायतकर्ता: शिवचरण लाल (सुपरवाइजर, समाज कल्याण विभाग) • रिवर्स राशि: ₹5,000 नकद (केमिकल युक्त नोट बरामद) • मुकदमा विंग: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत विधिक केस दर्ज। |
वरिष्ठ सहायक मोहनलाल जायसवाल द्वारा बार-बार चक्कर कटवाए जाने और बिना आर्थिक लाभ के विधिक पत्रावली आगे न बढ़ाने की जिद से पीड़ित होकर सुपरवाइजर शिवचरण लाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने पूरी विधिक सजगता दिखाते हुए एंटी करप्शन टीम को साक्ष्यों के साथ लिखित गोपनीय सूचना प्रेषित कर दी। सूचना पर सक्रिय हुई एंटी करप्शन विंग ने विधिक रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को विशेष केमिकल (फिनोलफ्थलीन) युक्त नोट देकर बाबू के पास भेजा। जैसे ही मोहनलाल जायसवाल ने अपने कक्ष में रिश्वत के ₹5,000 कस्टडी में लिए, पहले से ही मुस्तैद एंटी करप्शन टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। पानी से हाथ धुलवाते ही बाबू के हाथ विधिक साक्ष्य के रूप में गुलाबी हो गए, जिससे उसका अपराध मौके पर ही सिद्ध हो गया।
"शासकीय सेवा में रहते हुए जनता की विधिक फाइलों को दबाना और उनके विधिक क्लेम पास करने के बदले घूस की मांग करना एक अक्षम्य विधिक अपराध है। अभियुक्त मोहनलाल जायसवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत संगीन धाराओं के तहत स्थानीय थाने में विधिक प्राथमिक दर्ज कराई गई है। कलेक्ट्रेट व उच्चाधिकारियों के समन्वय से इस विधिक ट्रैपिंग की विस्तृत आख्या शासन के कार्मिक एवं स्वास्थ्य अनुभाग को भी प्रेषित की जा रही है, ताकि आरोपी बाबू के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से विभागीय विधिक निलंबन एवं बर्खास्तगी की कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।" — एंटी करप्शन जांच विंग सूत्र
बलरामपुर जनपद के विभिन्न कर्मचारी संगठनों, प्रबुद्ध नागरिक मंचों और समाजसेवियों ने पीड़ित सुपरवाइजर की इस विधिक बहादुरी और एंटी करप्शन टीम की त्वरित पारदर्शी कार्रवाई की खुले दिल से सराहना की है। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई पटल और जिला प्रशासन ने समस्त सम्मानित नागरिकों से विधिक अपील की है कि वे किसी भी पटल, तहसील, ब्लॉक या थाने पर अपने जायज कार्यों के निष्पादन हेतु किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को विधिक रूप से प्रतिबंधित रिश्वत कतई न दें। यदि कोई भी लोकसेवक नाजायज आर्थिक लाभ की मांग करता है, तो उसकी गुप्त विधिक सूचना तत्काल टोल-फ्री भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन या सीधे सक्षम विजिलेंस ब्यूरो को प्रेषित करें, ताकि सुशासन की संकल्पना धरातल पर अक्षुण्ण बनी रहे।
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