ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️
बलरामपुर। जनपद में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उर्वरक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि बलरामपुर जिला सहकारी बैंक की स्थापना की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए नाबार्ड कंसल्टेंसी सर्विसेज (NABCONS) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है तथा बैंकिंग लाइसेंस के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि जिला सहकारी बैंक की स्थापना के बाद यह प्रदेश का 51वां जिला सहकारी बैंक होगा, जिसके कार्यक्षेत्र में बलरामपुर और गोंडा दोनों जनपद शामिल होंगे। वर्तमान में ये दोनों जिले किसी जिला सहकारी बैंक के कार्यक्षेत्र में नहीं आते हैं। बैंक शुरू होने से दोनों जिलों के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में किसानों को अन्य बैंकों से 4 प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण लेना पड़ता है, जबकि जिला सहकारी बैंक स्थापित होने के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 3 प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की लागत घटेगी और कृषि गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि बैंक की स्थापना के लिए लगभग 14.90 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
समीक्षा बैठक में सहकारिता समितियों के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति आएगी। साथ ही समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक की शून्य ब्याज (जीरो इंटरेस्ट) क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक किसान को निर्धारित मूल्य पर समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के उपरांत मंत्री ने बहुउद्देशीय सहकारी समिति (बी-पैक्स) सेखुईकला एवं क्रय-विक्रय समिति भगवतीगंज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों, उर्वरक वितरण व्यवस्था तथा किसानों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं और इन्हें अधिक सक्षम, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाया जाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सदर विधायक पल्टूराम, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. आरती तिवारी, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन, भाजपा नेता प्रदीप सिंह, सहकारिता विभाग के प्रबंध निदेशक सहित विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं, सस्ती ऋण सुविधा और पारदर्शी उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
