🔴 लखनऊ क्राइम डायरी | PART–04 UPDATE
लखनऊ, 18 सितंबर 2026।
रात का सन्नाटा था… सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन कुछ ही देर बाद एक फोन कॉल ने प्रेमा देवी की जिंदगी की आखिरी रात की कहानी लिख दी।
सुबह होते-होते नहर पटरी के पास उसका शव मिला और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस के सामने सवाल था—प्रेमा रात में घर से आखिर निकली कैसे और उसे वहां कौन बुलाकर ले गया?
अब पुलिस ने इस रहस्य से पर्दा उठाने का दावा किया है। 🔎
📱 एक फोन कॉल… और मौत का जाल?
पुलिस के मुताबिक, प्रेमा को गांव के पास दुपुला नहर पटरी के नजदीक बाग में मिलने के लिए बुलाया गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस का दावा है कि इसके लिए मृतका के नाबालिग बेटे के फोन का इस्तेमाल किया गया।
प्रेमा जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उसे पकड़ लिया।
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को हत्या में बदल दिया।
🔪 बांके से हमला… फिर फरार
पुलिस के अनुसार, प्रेमा को जमीन पर गिराकर बांके से उसकी हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
लेकिन उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि पुलिस इतनी जल्दी उन तक पहुंच जाएगी।
🚨 24 घंटे में पुलिस ने खोला राज!
घटना की जांच के लिए काकोरी पुलिस की दो टीमें लगाई गईं।
फिर मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गुलरियाखेड़ा में मंदिर के पीछे से प्रेमा के पहले पति राजू यादव को गिरफ्तार करने का दावा किया।
वहीं मृतका के नाबालिग पुत्र को पुलिस निगरानी में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
🔎 पुलिस के दावे में सामने आया वजह का कनेक्शन
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राजू ने बताया कि प्रेमा उससे अलग होकर प्रदीप यादव से शादी कर चुकी थी, जिससे वह नाराज था।
पुलिस का दावा है कि इसी नाराजगी के चलते प्रेमा को “सबक सिखाने” की योजना बनाई गई।
इसके बाद कथित तौर पर फोन के जरिए उसे बाग में बुलाया गया।
🔪 और फिर मिली सबसे अहम चीज…
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया बांका बरामद करने का दावा किया है।
मामले में धारा 3(5) बीएनएस और 4/25 शस्त्र अधिनियम की बढ़ोतरी की गई है।
😱 लेकिन कहानी में अभी भी कई सवाल!
अगर पुलिस का दावा सही है तो—
❓ प्रेमा को बाग में बुलाने की योजना कब बनी?
❓ फोन से उसे किस तरह भरोसे में लिया गया?
❓ हत्या के बाद आरोपी कहां छिपे थे?
❓ पुलिस को राजू तक पहुंचाने वाला सटीक सुराग क्या था?
❓ बरामद बांका की फॉरेंसिक जांच से क्या सामने आएगा?
🔥 24 घंटे में गिरफ्तारी… लेकिन क्या यही पूरी कहानी है?
एक फोन कॉल…
एक सुनसान बाग…
एक महिला की हत्या…
और 24 घंटे के भीतर पुलिस की गिरफ्तारी।
काकोरी पुलिस ने मामले का खुलासा करने का दावा कर दिया है, लेकिन अब जांच में सामने आने वाले साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया यह स्पष्ट करेगी कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था।
👉 लखनऊ क्राइम डायरी की पूरी कहानी:
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⚠️ नोट: रिपोर्ट पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। पुलिस के आरोप और पूछताछ में सामने आए कथन न्यायालय में साक्ष्य एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
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