झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप; दो अन्य सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 06 सितंबर। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत शाहजहांपुर पुलिस ने सर्राफा व्यापारी को कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये वसूलने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपी बताए गए चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में क्षेत्राधिकारी जलालाबाद एवं क्षेत्राधिकारी तिलहर के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान प्रथमदृष्टया प्रमाणित साक्ष्य मिलने के बाद थाना परशुरामपुरी में मु0अ0सं0 430/2026, धारा 308(7), 127(7), 351(3) बीएनएस तथा 7/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
पुलिस के मुताबिक, वादी ने तहरीर में आरोप लगाया कि 04 सितंबर की रात थाना तिलहर में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से उससे संपर्क किया। परिचित होने के कारण वह परशुरामपुरी क्षेत्र के सरैया मोड़ पर पहुंचा, जहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उसे अपने साथ भटादेवर रोड की ओर ले गए।
तहरीर के अनुसार, राजभोज होटल से आगे अंधेरे स्थान पर उसकी तलाशी ली गई और उसकी मोटरसाइकिल में कथित रूप से एक पॉलिथीन रखकर उसे मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद उसे चौकी बिरियागंज, थाना तिलहर ले जाया गया, जहां मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना किए जाने का भी आरोप लगाया गया।
वादी का आरोप है कि उसे झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर उसके पिता और अन्य परिजनों से दो लाख रुपये की मांग की गई। आरोप के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे दो लाख रुपये मिलने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
दो गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में कांस्टेबल वीरेन्द्र और कांस्टेबल पंकज, दोनों की तैनाती थाना तिलहर में बताई गई है, को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।
वहीं कांस्टेबल अरुण चित्तौडिया और कांस्टेबल तुषार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। मामले में शामिल बताए जा रहे एक अज्ञात व्यक्ति के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी परशुरामपुरी द्वारा की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार पुलिसकर्मी
- कांस्टेबल वीरेन्द्र — थाना तिलहर, 2021 बैच
- कांस्टेबल पंकज — थाना तिलहर, 2021 बैच
महत्वपूर्ण: ₹2 लाख वसूली, झूठे मुकदमे में फंसाने और प्रताड़ना के आरोप पुलिस को दी गई तहरीर एवं प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं। मामले में आगे की स्थिति विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।