विवि के विकास हेतु कुलपति ने की राज्यपाल से चर्चा

 


शिक्षकों के समायोजन में तेजी, नए संकायों के विस्तार और महाविद्यालयों की संबद्धता का रखा प्रस्ताव

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित द्विदिवसीय एआई मंथन 2.0 के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में एआई शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, नवाचारपरक और गुणवत्तापूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि, इसके उपयोग में संतुलन और विवेक आवश्यक है। एआई का प्रयोग मानव की क्षमता का विस्तार करने वाले सहायक के रूप में होना चाहिए, न कि मानव पर हावी होने वाले विकल्प के रूप में।

उन्होंने विश्वविद्यालयों से एआई को शिक्षा, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में उपयोगी उपकरण के रूप में अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों की मौलिक सोच, रचनात्मकता, विश्लेषण क्षमता एवं मानवीय संवेदनाओं को तकनीक का विकल्प न बनने देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के समापन के बाद राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश में नवस्थापित पांच विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में उन्होंने विश्वविद्यालयों की वर्तमान प्रगति, सामने आ रही चुनौतियों और भविष्य की विकास संभावनाओं की जानकारी ली तथा उन्हें मजबूत अकादमिक संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की।

इसी क्रम में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय, शाहजहांपुर के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय राज्यपाल के समक्ष रखे। उन्होंने शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों एवं नए संकायों के विस्तार के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि भविष्य की शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास किया जा सके।

इसके साथ ही कुलपति प्रो. सिंह ने विश्वविद्यालय के अकादमिक दायरे को और विस्तृत किए जाने की आवश्यकता बताते हुए आसपास के जिलों के महाविद्यालयों को भी विश्वविद्यालय से संबद्ध किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे और नवस्थापित विश्वविद्यालय अपनी क्षेत्रीय भूमिका को और प्रभावी ढंग से निभा सकेगा।

कुलपति की ओर से रखे गए विश्वविद्यालय के विकास संबंधी प्रस्तावों को राज्यपाल ने गंभीरता से सुना और विश्वविद्यालय की अपेक्षित प्रगति के लिए पूर्ण सहयोग एवं आवश्यक समर्थन का आश्वासन दिया।

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