स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

 

हिंदी को ज्ञान, अनुसंधान और तकनीक की भाषा के रूप में विकसित करने पर जोर

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। हिंदी दिवस के अवसर पर स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्वानों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने भाषण एवं काव्य-पाठ के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपनी भावनाएं एवं प्रतिभा प्रस्तुत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति और संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों की संवाहक भाषा है। हिंदी ने सदियों से देश की विविध भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और समुदायों को आपस में जोड़ने का कार्य किया है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. आदित्य सिंह ने कहा कि हिंदी हमारे संविधान के न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। हिंदी को केवल सरकारी कामकाज अथवा औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रखते हुए इसे ज्ञान, अनुसंधान, तकनीक और आधुनिक चिंतन की भाषा के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है।

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक मिश्र ने हिंदी को शिक्षा, व्यवहार और अनुसंधान की सशक्त भाषा बताते हुए कहा कि जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक हिंदी हमारे जीवन के विभिन्न प्रसंगों में साथ रहती है। यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में भी सहयोगी बनती है।

विभाग के सहायक आचार्य डॉ. श्रीकांत मिश्र ने हिंदी को व्यक्ति की उन्नति के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति के लिए भी अपरिहार्य बताया। वहीं सहायक आचार्य श्री प्रमोद यादव ने हिंदी की उपयोगिता एवं व्यावहारिकता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है।

डॉ. दुर्ग विजय ने हिंदी के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव, पठन-पाठन और व्यावहारिक प्रयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रति लोगों की रुचि निरंतर बढ़ रही है और हिंदी का क्षेत्र भी लगातार व्यापक हो रहा है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बलवीर शर्मा ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी की भूमिका पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी विषय विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं सफलता के अनेक अवसर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुजीत वर्मा ने किया। समारोह में स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं के केशव चंद्र शर्मा, परवीन, कमल गुप्ता, कोमल सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण एवं काव्य-पाठ प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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