शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप, स्थानीय पुलिसकर्मी के संरक्षण के भी लगाए गए आरोप; अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
सहायक ब्यूरो चीफ मो. आमिर प्रयागराज ✍️
लालापुर, प्रयागराज। प्रयागराज के यमुनानगर क्षेत्र स्थित लालापुर थाना क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री लंबे समय से जारी है और शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि थाना क्षेत्र में कथित नशे के कारोबार को एक स्थानीय पुलिसकर्मी का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक, कथित नशे की बिक्री को लेकर कई बार स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई। आरोप है कि सूचना के बाद कार्रवाई का आश्वासन तो दिया गया, लेकिन मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना दिए जाने के बावजूद कथित दुकान पर कारोबार पहले की तरह चलता रहा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा पुलिस संरक्षण होने का दावा किए जाने से क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गांजा बरामदगी के बाद कार्रवाई पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व सूचना मिलने पर आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और वहां से कथित रूप से गांजा बरामद हुआ। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ा और कुछ दूरी पर ले जाने के बाद संबंधित व्यक्ति को छोड़ दिया गया।
इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग स्थानीय लोगों ने की है।
युवाओं के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कथित रूप से नशीले पदार्थों की उपलब्धता का सबसे अधिक असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो इसके सामाजिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
पुलिस और आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मामले को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
ग्रामीणों ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज पीयूष मोर्डिया और डीसीपी यमुनानगर विवेक यादव से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी, आबकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों के जवाब का इंतजार
मामले में लगाए गए संरक्षण और कार्रवाई न करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग का आधिकारिक पक्ष इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
प्रयागराज से सच की आवाज के लिए
सहायक ब्यूरो चीफ मोहम्मद आमिर की खास रिपोर्ट ✍️


