ब्यूरो रिपोर्ट आमिर मिर्ज़ा, प्रयागराज ✍️
प्रयागराज। साइबर क्राइम थाना प्रयागराज पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.78 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों की जांच और वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के दौरान आरोपी की पहचान हुई। मामले में 64,61,990 रुपये की साइबर फ्रॉड से संबंधित धनराशि बरामद/फ्रीज किए जाने की कार्रवाई की गई है।
पुलिस के मुताबिक 26 अगस्त 2026 को जार्जटाउन क्षेत्र की रहने वाली महिला को अज्ञात साइबर अपराधियों ने ब्लूडार्ट कूरियर कंपनी का कर्मचारी और साइबर पुलिस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल की। आरोपियों ने महिला के नाम से मादक पदार्थ का पार्सल आने और उसमें आधार कार्ड लगे होने का झूठा दावा किया। इसके बाद महिला और उसके परिवार को जेल भेजने की धमकी देकर मानसिक रूप से भयभीत किया गया और डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया।
आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचाने और मुकदमे से नाम हटाने का झांसा देकर पीड़िता से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1,78,60,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले में 1 अक्टूबर 2026 को साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में मु0अ0सं0 58/2026, धारा 318(4), 319(2), 308(6) भारतीय न्याय संहिता तथा 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
बैंक खाते और मोबाइल नंबरों के विश्लेषण से खुलासा
घटना के अनावरण के लिए गठित पुलिस टीम ने ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों की KYC, फंड फ्लो और डिजिटल अरेस्ट के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के CDR एवं CAF का विश्लेषण किया।
जांच में बैंक खाता संख्या 50200113234694 का संबंध लखीमपुर खीरी निवासी आयुष अवस्थी से सामने आया। साइबर क्राइम थाना प्रयागराज की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे 4 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9 बजे उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
10 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर खाते में मंगवाते थे रकम
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी आयुष अवस्थी ने बताया कि उसकी Skillora Workforce Solutions Private Limited नाम की मैनपावर/लेबर सप्लाई फर्म है। इसी से संबंधित HDFC बैंक के करंट खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की मुलाकात नवंबर 2025 में निशांत त्रिवेदी के माध्यम से पीलीभीत निवासी राजन शुक्ला से हुई थी। आरोप है कि राजन शुक्ला ने साइबर फ्रॉड की रकम आयुष के खाते में डायवर्ट करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन का लालच दिया।
पुलिस के अनुसार 6 सितंबर 2026 को आयुष और उसके साथी मुंबई पहुंचे। वहां अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर 7 और 8 सितंबर को पीड़िता के खाते से 48.50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।
बैंक स्टेटमेंट की जांच में पुलिस को उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों के लोगों को साइबर स्कैम और डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाकर करीब 3.80 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में लेयरिंग के लिए डायवर्ट किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
दो आरोपी अभी वांछित
पुलिस के अनुसार मामले में दो आरोपी अभी वांछित हैं—
- निशांत त्रिवेदी पुत्र कृष्णदत्त त्रिवेदी, निवासी ग्राम सिकंदराबाद, थाना नीमगांव, लखीमपुर खीरी।
- राजन शुक्ला पुत्र राम निवास शुक्ला, निवासी दुधिया खुर्द बंजरिया, थाना पूरनपुर, पीलीभीत।
इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है।
40 लाख की बीमा पॉलिसी समेत सामान बरामद
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 40 लाख रुपये की बीमा पॉलिसियां, बैंक खातों में 24,53,990 रुपये की लियन राशि, करंट अकाउंट में 8 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन और एक चेकबुक बरामद की है।
पुलिस के अनुसार साइबर अपराध से संबंधित धनराशि की बरामदगी/फ्रीज की कुल कार्रवाई 64,61,990 रुपये की है।
पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार
मामले के सफल अनावरण पर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज की ओर से साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम को 10 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
कार्रवाई साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह, निरीक्षक मो. आलमगीर, उपनिरीक्षक राहुल कुमार, उपनिरीक्षक दीपक कुमार भाटी समेत पुलिस टीम द्वारा की गई।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुलिस, सीबीआई, ईडी या कोई अन्य जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं है।
पुलिस ने लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है।
