नवजात बच्ची को मरने की नीयत से निर्जन स्थान पर फेंकने की आरोपी मां और सहयोगी गिरफ्तार, पुलिस ने किया घटना का सफल अनावरण

 


ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा

बलरामपुर। श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र में धान के खेत में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची को मरने की नीयत से फेंके जाने के मामले का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए आरोपी मां और उसकी सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में लोक-लाज के डर से नवजात बच्ची को खेत में छोड़ने की बात सामने आई है। मामले में शामिल महिला के रिश्तेदार बहनोई साजन की तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

घटना 17 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5:25 बजे की है। कॉलर की सूचना पर पीआरवी-5455 ग्राम किठुरा स्थित धान के खेत में पहुंची। वहां करीब एक दिन की नवजात बच्ची सफेद कपड़े में लिपटी हुई मिली। बच्ची की हालत बेहद दयनीय थी और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पीआरवी टीम के कमांडर कांस्टेबल सुशांत तिवारी और पायलट होमगार्ड विजय सिंह ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए धान के खेत से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और सरकारी वाहन से अस्पताल पहुंचाया।

बच्ची को संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर के महिला प्रसव वार्ड में भर्ती कराकर आवश्यक चिकित्सकीय उपचार कराया गया। समय रहते पुलिस की तत्परता से बच्ची की जान बच गई और वर्तमान में उसकी स्थिति कुशल बताई जा रही है।

मामले में ग्राम चौकीदार राममिलन पुत्र रामदास, निवासी ग्राम किठुरा गन्नूडीह, थाना श्रीदत्तगंज, ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि गांव की एक युवती गर्भवती थी और पिछले एक-दो महीने से गांव में नहीं रह रही थी। 16 सितंबर की रात गांव के कुछ लोगों ने युवती और उसकी मां को एक नवजात बच्चे के साथ घर जाते देखा था। पूछताछ करने पर उन्होंने बच्चे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी और घर चली गईं। बाद में युवती के गर्भवती न होने तथा उसके घर में नवजात बच्चा नहीं मिलने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ कि धान के खेत में मिली बच्ची उसी की है।

तहरीर के आधार पर थाना श्रीदत्तगंज में मु0अ0सं0 105/2026, धारा 93/109 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में थाना श्रीदत्तगंज पुलिस ने कार्रवाई तेज की।

इसी क्रम में 2 अक्टूबर 2026 को थानाध्यक्ष श्रीदत्तगंज अविरल शुक्ल ने पुलिस टीम के साथ मुकदमे से संबंधित नामजद आरोपी महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने पुलिस को टालमटोल कर गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने लोक-लाज के डर से नवजात बच्ची को मरने की नीयत से धान के खेत में छोड़ने की बात स्वीकार की।

पुलिस के मुताबिक, महिला का अपने ही रिश्तेदार से संबंध था और इसी प्रकरण में नवजात बच्ची को खेत में छोड़ने की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस इस घटना में शामिल बताए जा रहे महिला के रिश्तेदार बहनोई साजन की भी तलाश कर रही है।

नियमानुसार महिला पुलिसकर्मियों द्वारा दोनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय के समक्ष पेश करने हेतु रवाना किया गया। पुलिस की कार्रवाई से नवजात बच्ची को खेत में छोड़ने की घटना का खुलासा हो गया है।

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