योगेंद्र सिंह यादव, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर
शाहजहांपुर, 05 अप्रैल। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जलालाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता सहित कई मोर्चों पर भारी लापरवाही पाई गई।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के उपरांत वरिष्ठ सहायक ममता रस्तोगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समय पर उपस्थित न रहने वाले अन्य कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में पाया गया कि ममता रस्तोगी कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थीं, जबकि रजिस्टर में उनके आज तक के हस्ताक्षर पहले से दर्ज थे। जिलाधिकारी ने इस कृत्य को घोर अनुशासनहीनता बताते हुए इसे सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना और उनके निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं, कर्मचारी सत्येंद्र प्रकाश भी अनुपस्थित मिले। बताया गया कि उनके पिता बीमार हैं, परंतु प्रस्तुत अवकाश प्रार्थना पत्र में अवकाश की अवधि का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी जताते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुलती नजर आई। अस्पताल में तैनात 14 गार्डों में से केवल 3 गार्ड ही मौके पर मिले, और वे भी नियमानुसार वर्दी में नहीं थे। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित सुरक्षाकर्मियों का वेतन रोकने व उपस्थित गार्डों को वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी करने को भी कहा।
स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई व्यवस्था भी अत्यंत दयनीय पाई गई। जगह-जगह गंदगी देख जिलाधिकारी ने फार्मासिस्ट से जवाब तलब करने को कहा और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पूरे अस्पताल की रंगाई-पुताई कराने का भी आदेश दिया गया।
इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी ज्ञानेंद्रनाथ समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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