ब्यूरो रिपोर्ट: जहीन खान ✍️
बहराइच। दिनांक 28 जून को जिलाधिकारी मोनिका रानी ने विकास खंड चित्तौरा एवं रिसिया के विभिन्न ग्रामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई सामुदायिक शौचालय, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र तथा पंचायत भवन बंद पाए गए, जिससे उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान ग्राम फुलवरिया स्थित आरोग्य मंदिर में सीएचओ सारिका गुप्ता तो मौजूद पाई गईं, लेकिन परिसर में साफ-सफाई का अभाव था। इस पर डीएम ने संबंधितों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि भवन और परिसर में तत्काल सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए।
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यह सभी बंद पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और एडीओ पंचायत, ग्राम सचिव तथा संबंधित सफाई कर्मी का वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन दिवस के भीतर सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। वहीं बंद विद्यालयों के संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को कारण सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं और व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे शिथिलता से नहीं निभाया जा सकता।
यह औचक निरीक्षण सरकारी तंत्र की उत्तरदायित्वहीनता पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। जिलाधिकारी की सख्ती से प्रशासन में हलचल मची हुई है।
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