शाहजहाँपुर। उत्तर प्रदेश शासन की पारदर्शी किसान कल्याण नीति और कलेक्ट्रेट सुशासन चार्टर के कड़े निर्देशों के विपरीत, शाहजहाँपुर जनपद में गेहूं खरीद केंद्रों पर तैनात कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किसानों के विसंगतिपूर्ण शोषण का मामला प्रकाश में आया है। जनपद में इस समय गेहूं की सरकारी खरीद हेतु केंद्र संचालित हैं। स्थानीय नोडल प्रविष्टियों के अनुसार, गेहूं खरीद की निर्धारित तिथि व्यतीत हो जाने के उपरांत इन केंद्रों पर वास्तविक खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो सकी। खरीद शुरू होते ही केंद्र प्रभारियों द्वारा अपनी उपज बेचने आ रहे सीधे-साधे किसानों से विलेख नियमों के विरुद्ध 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) की मांग की जाने लगी, जिससे पीड़ित किसानों में गहरा असंतोष व्याप्त हो गया।
प्राप्त प्रामाणिक विलेख विवरण के अनुसार, भ्रष्ट व्यवस्था से तंग आकर क्षेत्रीय किसानों ने बरेली स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) के आला अधिकारियों से दूरभाष पर कस्टडी संपर्क साधा। त्वरित संज्ञान लेते हुए एंटी करप्शन की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने नवीन मंडी स्थल **तिलहर** में जाल बिछाया और वहां के संबंधित केंद्र प्रभारी को रिश्वत की विलेख राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों (Red-Handed) गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त अधिकारी के विरुद्ध सुसंगत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में विधिक प्रविष्टि दर्ज कर उसे सीधे जेल कस्टडी में भेज दिया गया है।
| 📊 केंद्र संचालन स्थिति एवं किसान शिकायत विलेख | ⚙️ एंटी करप्शन रेड एक्शन एवं विधिक क्लॉज परिणाम |
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• मूल विलेखीय विसंगति: निर्धारित सरकारी समय सारणी निकलने के बाद केंद्रों पर क्रय प्रक्रिया का विलंबित प्रारंभ। • किसान प्रताड़ना स्वरूप: तौल पर्ची जारी करने व उपज डंपिंग के एवज में अवैध सुविधा शुल्क की कड़क मांग। • वर्तमान स्थिति: दंडात्मक कार्रवाई के बावजूद अन्य केंद्रों पर पुरानी विसंगतिपूर्ण व्यवस्था सक्रिय रहने की आशंका। |
• छापेमारी नोडल टीम: बरेली एंटी करप्शन ब्यूरो फ्लाइंग स्क्वाड प्रभाग। • रेड लोकेशन कस्टडी: नवीन मंडी स्थल क्रय केंद्र, तिलहर संभाग, शाहजहाँपुर। • विधिक परिणाम: घूसखोर प्रभारी रंगे हाथों अरेस्ट; विलेख मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल रवानगी पुष्ट। |
नवीन मंडी स्थल तिलहर में हुई इस कड़क दंडात्मक कार्रवाई के उपरांत भी गेहूं खरीद की जमीनी हकीकत में पूर्ण सुधार नहीं देखा जा रहा है। अन्नदाताओं का आरोप है कि विभिन्न क्रय केंद्रों पर अभी भी वही पुरानी विसंगतिपूर्ण व्यवस्था आंतरिक रूप से गतिमान है, जहाँ बिना अवैध लेन-देन के अधिकारी व कर्मचारी गेहूं तौलने में शिथिलता बरत रहे हैं। यह डिफाल्टर अमला अपनी निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की पारदर्शी जीरो-टॉलरेंस नीतियों को धूमिल करने में लगा हुआ है। अब देखना यह है कि क्या शासन अथवा जिला प्रशासन शाहजहाँपुर के समस्त गेहूं खरीद केंद्रों की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच करवाकर अन्नदाताओं को इस विभीषिका से वास्तविक राहत प्रदान करने का विधिक कार्य सुनिश्चित करेगा।
"तिलहर मंडी स्थल पर एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई कार्रवाई भ्रष्ट तत्वों के विरुद्ध एक कड़ा विधिक संदेश है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का शत-प्रतिशत लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने हेतु विलेखीय रूप से प्रतिबद्ध है। डिप्टी आरएमओ (Deputy RMO) और कलेक्ट्रेट विपणन प्रभाग को निर्देशित किया गया है कि वे जनपद के सभी केंद्रों पर आकस्मिक नोडल सर्विलांस रेड करें। यदि किसी भी तौल केंद्र पर घटतौली, समय से खरीद न होना या सुविधा शुल्क की अमर्यादित प्रविष्टि पाई गई, तो संबंधित डिफाल्टर कर्मचारी को सस्पेंड कर उसके विरुद्ध कस्टडी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।" — खाद्य एवं रसद कमान जनसुनवाई विशेष बुलेटिन
शाहजहाँपुर मुख्य संभाग, तिलहर नवीन मंडी स्थल परिक्षेत्र, बरेली एंटी करप्शन कमान ब्यूरो, पुवायाँ व जलालाबाद संपर्क मार्ग ग्रिड, कटरा व जैतीपुर आउटर सर्किल, विकास भवन जनसुनवाई पटल और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न संभ्रांत कृषक उत्पादक संगठनों (FPO), प्रबुद्ध भारतीय किसान यूनियनों तथा जागरूक सामाजिक सरोकार मंचों ने 'सच की आवाज वेब न्यूज' के माध्यम से अन्नदाताओं के इस कड़वे सच को पूरी प्रामाणिकता व वैधानिक शुचिता के साथ उठाने के इस सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं खाद्य आपूर्ति समन्वय सेल ने पुनः समस्त जागरूक अन्नदाताओं व प्रबुद्ध किसानों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी तौल डिजिटल विलेखों के माध्यम से ही कराएं और किसी भी बिचौलिये या डिफाल्टर के अमर्यादित झांसे में न आएं। यदि आपके अंचल, ब्लॉक या स्थानीय क्रय केंद्र पर तौल में हेराफेरी, अवैध सुविधा शुल्क की मांग, या खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जनसुनवाई बयानों की अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना जिला विपणन अधिकारी (DMO) कार्यालय पटल, जिलाधिकारी जन शिकायत प्रकोष्ठ या मुख्यमंत्री जनसुनवाई हेल्पलाइन नंबर **'१०७६'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित शाहजहाँपुर के किसानों के हक की अभेद्य ढाल है।
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