ब्यूरो रिपोर्ट: जहीन खान ✍️
लखनऊ के माल क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालयों के मनमाने विलय से बच्चों की पढ़ाई संकट में आ गई है। विशुनपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय को जानकी नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मिला दिया गया है, लेकिन इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
दरअसल, इन दोनों विद्यालयों के बीच करीब दो किलोमीटर का घना वन विभाग का जंगल पड़ता है, जो न केवल सुनसान है बल्कि खतरनाक जंगली जानवरों का अड्डा भी बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि इस जंगल से होकर रोज गुजरना बच्चों के लिए बेहद असुरक्षित है।
ग्रामीणों ने बताया कि जंगल के रास्ते में पहले भी कई राहगीरों पर जानवर हमला कर चुके हैं, साथ ही जंगल की आड़ में असामाजिक तत्वों द्वारा आपराधिक घटनाएं भी अंजाम दी जाती हैं। इस डर के कारण विशुनपुर के दर्जनों बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूल भेजने से मना कर रहे हैं।
अभिभावक सुशीला त्रिपाठी, राहुल, किरण, अमरेश और अनूप पांडेय ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि क्या दो किलोमीटर दूर, सुनसान और खतरनाक रास्ते से मासूम बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित है? उनका कहना है कि बच्चों की जान को खतरे में डालकर शिक्षा नहीं दी जा सकती।
ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो पुराने विद्यालय को पुनः बहाल किया जाए या बच्चों के लिए कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की जा रही है ताकि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
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