लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र के मौन्दा गांव में मिट्टी माफियाओं का आतंक इस कदर है कि सरकार की अपनी नहर भी सुरक्षित नहीं बची। ताज़ा मामला समदा पुलिस चौकी के महज़ 2 किलोमीटर दायरे में हुआ, जहां बेखौफ़ माफिया रातभर JCB चला कर नहर की मिट्टी उड़ाते रहे और पुलिस को कानों-कान खबर नहीं हुई।
बताया जाता है कि 16 जुलाई को भी इसी नहर पर अवैध खनन हुआ, जिसकी सूचना मीडिया और सिंचाई विभाग ने दी, लेकिन नतीजा—कार्यवाही ज़ीरो। बल्कि, पुलिस ने माफियाओं पर हाथ डालने के बजाय खबर चलाने वाले पत्रकारों पर ही उंगलियां उठानी शुरू कर दीं, मानो अवैध खनन पर सवाल पूछना भी अपराध हो।
रास्ते की हालत अब इतनी ख़राब हो चुकी है कि लोग कहते हैं—"यह सड़क है या चाँद की सतह?" मिट्टी माफिया ने आने-जाने का रास्ता पूरी तरह तबाह कर दिया है।
सवाल बड़ा है: अगर सरकार की अपनी ज़मीन और नहर पर खुलेआम खनन हो रहा है और पुलिस रुई डालकर सो रही है, तो आम आदमी की ज़मीन कैसे सुरक्षित रहेगी? अब देखना है कि काकोरी पुलिस इस बार माफियाओं पर शिकंजा कसती है या फिर अगली बार भी उन्हें JCB पर लाल कालीन बिछा कर बुलाती है।
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