मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब अनिवार्य होगी बायोमेट्रिक व फेस अटेंडेंस — योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए नया कदम


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

निदेशालय, समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जारी पत्रांक सी-2664 दिनांक 25 सितम्बर 2025 के अनुसार अब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक नई व्यवस्था लागू की गई है।

वित्तीय वर्ष 2025–26 से सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक युगल को विवाह मंडप में प्रवेश से पूर्व बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) या फेस अटेंडेंस (चेहरे की पहचान) के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। केवल सत्यापित युगल ही विवाह मंच पर एक-दूसरे को जयमाल पहनाने के पात्र होंगे।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार, यह व्यवस्था योजना की पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अपात्र व्यक्तियों द्वारा लाभ उठाने से रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि “इस कदम से सामूहिक विवाह योजना को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और लाभार्थी केंद्रित बनाया जा सकेगा।”

साथ ही, सभी इच्छुक आवेदकों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते समय वर-वधू के आधार कार्ड का प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) सही ढंग से करें, ताकि कार्यक्रम के दौरान बायोमेट्रिक या फेस अटेंडेंस करते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न हो।

इस नई तकनीकी व्यवस्था से योजना में डिजिटल सत्यापन का नया अध्याय जुड़ गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थी ही योजना का लाभ प्राप्त करें।



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