ब्यूरो रिपोर्ट: सुधीर सिंह कुम्भाणी
सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल ने जांच में पाया कि जहां पेड़ काटे गए वह भूमि सरकारी श्रेणी में आती है और कटे हुए जामुन के पेड़ प्रतिबंधित प्रजाति के थे। लेखपाल ने मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है तथा विभागीय कार्रवाई की बात कही है।
इधर क्षेत्रीय वन कर्मी अभय सिंह ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी को दे दी गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पेड़ काटे जाने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण नवल वर्मा, शिवराम, रामकुमार भार्गव, मोहम्मद कल्लू, रामशंकर वर्मा, प्रमोद वर्मा, रामू गुप्ता, रामखेलावन तथा संजय भार्गव ने कहा कि मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा है। यदि प्रशासन ने समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों की चेतावनी से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मामला गंभीर होने के कारण अधिकारियों की नजर घटना पर बनी हुई है।
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