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ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर दबंग भूमाफिया का कब्जा, पूर्व प्रधान पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप

 

अतुल कुमार पटेल | ब्यूरो चीफ, उन्नाव

उन्नाव। जनपद के ग्राम पंचायत क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम सभा की भूमि, सरकारी बाजार तथा पंचायत भवन से जुड़ी बहुमूल्य सार्वजनिक जमीन पर वर्षों से दबंग भूमाफिया द्वारा कब्जा किए जाने के आरोप लगे हैं। हैरानी की बात यह है कि तमाम शिकायतों के बावजूद अब तक जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान सर्वेश कुमार उर्फ लल्लू पुत्र महेंद्र सिंह, जो क्षेत्र में दबंग भूमाफिया के रूप में चर्चित बताए जाते हैं, ने अपने परिजनों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक संरक्षण और राजनीतिक दबाव के चलते उक्त कब्जे को हटाने की कार्रवाई अब तक ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।

इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता प्रियांशु पटेल पुत्र स्वर्गीय महेंद्र कुमार, निवासी ग्राम अवैक, तहसील बांगरमऊ, जनपद उन्नाव ने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से ग्राम सभा के नाम दर्ज है, इसके बावजूद पूर्व प्रधान द्वारा कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों, दबंगई और धमकी के बल पर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा किया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी बाजार और पंचायत भवन की जमीन पर निजी निर्माण कर लिया गया है, जिससे ग्राम पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न तो सीमांकन कराया गया और न ही अवैध कब्जा हटाने की कोई ठोस पहल हुई।

ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर पूर्व प्रधान सहित सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम सभा की भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर पंचायत हित में उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

अब बड़ा सवाल यह है कि सरकारी भूमि पर खुलेआम हो रहे इस कब्जे पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा? क्या ग्राम सभा की जमीन दबंगों के कब्जे से मुक्त हो पाएगी या यह मामला भी फाइलों में सिमटकर रह जाएगा—इस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।

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