स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 14 नवम्बर 2025
प्रदेश सरकार की मातृभूमि योजना ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में नई दिशा दे रही है। इस योजना के माध्यम से गाँवों में अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को अपने गाँव के विकास से जोड़ना है, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होते हुए भी नौकरी, व्यवसाय या उद्यम के सिलसिले में अन्य राज्यों या विदेशों में रहते हैं। ऐसे प्रवासी नागरिक, व्यक्ति समूह, निजी संस्था या एनजीओ अपने गाँव में आवश्यक विकास कार्य कर सकते हैं।
योजना के तहत निर्माण कार्यों की कुल लागत का 60 प्रतिशत भाग सहयोगकर्ता द्वारा तथा 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। सहयोगकर्ता अपनी इच्छा अनुसार योजना या निर्माण कार्य का नाम भी रख सकता है।
राज्य सरकार का मानना है कि निजी निवेश और नियमित अनुश्रवण से कार्यों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, भवनों, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी सुविधाओं का जाल बिछेगा।
🔹 योजना के अंतर्गत किए जा सकने वाले प्रमुख कार्य
मातृभूमि योजना के तहत स्कूलों और इंटर कॉलेजों में नई कक्षाओं व स्मार्ट क्लास का निर्माण, सामुदायिक भवन, बारातघर, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, पुस्तकालय, सभागार, व्यायामशाला, ओपन जिम, सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम, तालाबों का सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण कार्य, बस स्टैंड, यात्री शेड, स्ट्रीट लाइट, एलईडी लाइट, और फायर सर्विस स्टेशन जैसी अनेक सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
🔹 पंजीकरण की प्रक्रिया
सहयोगकर्ता को योजना की आधिकारिक वेबसाइट http://matribhoomi.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होता है। पंजीकरण के बाद मोबाइल नंबर व ईमेल के माध्यम से यूज़र आईडी और पासवर्ड प्राप्त किया जाता है। इसके बाद संबंधित योजना का विवरण भरकर कुल लागत का 60% योगदान ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
🔹 विकास की स्थिति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना के तहत अब तक लगभग 1.35 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इनमें सीसी रोड, सीसीटीवी कैमरे, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग, स्कूल-कॉलेज में मरम्मत व निर्माण, पेयजल व्यवस्था, तालाबों का सौंदर्यीकरण, मैरेज हॉल और जल निकासी जैसे कार्य शामिल हैं।
वर्तमान में लगभग 16 करोड़ रुपये की 21 परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जबकि 25 से अधिक नई परियोजनाओं की निर्माण कार्यवाही जारी है।
मातृभूमि योजना ग्रामीण विकास में भागीदारी का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रही है — जहाँ सरकार और समाज मिलकर गाँवों की तस्वीर बदलने में जुटे हैं।
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