लखनऊ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘प्रगति’ केवल एक रिव्यू मैकेनिज्म नहीं है, बल्कि यह शासन सुधार (Governance Reform) का प्रभावी मॉडल है। उन्होंने कहा कि प्रगति ने शासन व्यवस्था को फाइल-केंद्रित संस्कृति से निकालकर फील्ड-आधारित परिणामों की दिशा में अग्रसर किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और प्रभावी हुई है। प्रगति के जरिए योजनाओं की नियमित निगरानी से लंबित मामलों का त्वरित समाधान संभव हुआ है, जिससे जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध रूप से पूरे हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम के रूप में दिखाई दें। प्रगति इस दिशा में उत्तर प्रदेश के सुशासन मॉडल की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी है।
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