स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर, 07 फरवरी 2026।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का निर्माण कर करोड़ों लोगों को राहत और सुरक्षा प्रदान की गई है। उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष मानसून के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों तथा सीमावर्ती राज्यों से उत्पन्न जलप्रवाह के कारण बाढ़ की स्थिति बनती है, जिससे औसतन लगभग 40 जनपद संवेदनशील बने रहते हैं।
विगत वर्षों में सिंचाई विभाग ने बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए एक नई कार्यपरंपरा स्थापित की है। इसके अंतर्गत बाढ़ परियोजनाओं की पारदर्शी स्वीकृति, समयबद्ध बजट व्यवस्था तथा गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। परिणामस्वरूप बाढ़ से होने वाली क्षति को न्यूनतम स्तर तक सीमित करने में सफलता मिली है। विभाग ने सक्रिय एवं केंद्रीकृत दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्धारित समयसीमा में बाढ़ बचाव परियोजनाओं को पूर्ण किया है।
प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल में अब तक कुल 1,876 बाढ़ परियोजनाओं का निर्माण किया जा चुका है, जिससे 43.25 लाख हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को सुरक्षा प्राप्त हुई है। इससे किसानों की कृषि भूमि तथा आमजन के उपयोग की भूमि बाढ़ के खतरे से सुरक्षित हुई है और खरीफ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की गई है। इन प्रयासों से 357.83 लाख आबादी को बाढ़ से संरक्षण मिला है।
छोटी गण्डक, जो नेपाल से महाराजगंज जनपद में प्रवेश करने वाली भूजल आधारित नदी है, लगभग 10 किमी लंबाई में मृतप्राय हो चुकी थी। सिंचाई विभाग द्वारा इसकी सफाई एवं पुनर्जीवन कार्य कर इसे पुनः मूल स्वरूप में लाया गया। इससे वर्षाकाल में जलनिकासी सुचारु हुई और 22 ग्रामों की 1,950 हेक्टेयर भूमि तथा लगभग 48,500 आबादी को जलभराव से मुक्ति मिली। साथ ही जलजनित रोगों में कमी आई तथा मवेशियों, जीव-जंतुओं और सिंचाई के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई।
प्रदेश सरकार की बाढ़ सुरक्षा पहल न केवल प्राकृतिक आपदाओं से जन-धन की रक्षा कर रही है, बल्कि कृषि उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनस्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बना रही है। सिंचाई विभाग की यह पहल उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, समृद्ध और आपदा-प्रतिरोधी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
लखनऊ
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