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जानकी के स्वयंवर का दृश्य, राम ने तोड़ा धनुष, सीता को पहनाई वरमाला

 

 स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️

श्रीरामकथा के छठे दिन की कथा में श्रोताओं ने जानकी के स्वयंवर का अद्भुत प्रसंग मंत्रमुग्ध होकर सुना। कथाव्यास श्री विजय कौशल जी ने बताया कि भगवान राम गुरु विश्वामित्र के साथ स्नान, ध्यान और भजन के पश्चात जनकपुरी पहुंचे। राजा जनक ने राम और लक्ष्मण का सत्कार बड़े श्रद्धा भाव से किया। राम और लक्ष्मण की सुंदरता देखकर नगर के नर-नारियों के होश उड़ गए।

राम जब पुष्प लेने वाटिका के द्वार पर पहुंचे, उसी समय जानकी जी अपनी सखियों के साथ गौरी पूजन के लिए आईं। राम और सीता का मिलन हुआ, जैसे जनकपुरी में स्वर्ग उतर आया हो। स्वयंवर की तैयारी पूर्ण हुई और अनेक देश-राजा आए। स्वयंवर में घोषणा हुई कि जो कोई भी शिवधनुष उठा सकेगा, सीता उसे वरमाला पहनाएंगी। कई राजा प्रयास करते रहे पर असफल हुए।

अंततः गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से राम ने अत्यंत सौम्य भाव से धनुष को तीन परिक्रमा कर पकड़ा और प्रत्यंचा खींचकर धनुष तोड़ दिया। इसके बाद सीता जी ने राम के गले में वरमाला पहना दी। चारों ओर जय-जयकार हुई।

मंच पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व: महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी, स्वामी अभेदानंद जी, पीलीभीत से स्वामी हनुमाननाथ जी, फर्रुखाबाद से पूज्य व्यास श्री राममूर्ति जी मिश्र, ज्योतिषी श्री रामशंकर उपाध्याय, श्री शुभेश शरमन, स्वामी विवेकानंद सरस्वती।

अतिथियों ने बढ़ाई शोभा: पुवायां विधायक श्री चेतराम, जलालाबाद विधायक श्री हरिप्रकाश वर्मा, श्री डी.पी.एस. राठौर, श्रीमती सोनिया राठौर, श्री अरुण व श्रीमती अंजू खंडेलवाल, श्री सोबरन सिंह यादव, एडवोकेट ओम सिंह, एडवोकेट संतोष सिंह, श्री मचकेन्द्र सिंह, आरएसएस से एडवोकेट रवि मिश्रा, इंजीनियर आर.के. अग्रवाल, प्रो अवनीश मिश्र, प्रो आर.के. आजाद, प्रो अनुराग अग्रवाल सहित मुमुक्षु शिक्षा संकुल के शिक्षक व कर्मचारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

पूजन, आरती और प्रसाद वितरण: कथा प्रारंभ से पूर्व व्यासपीठ का पूजन डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह, श्रीमती प्रीति सिंह, प्रांजल रस्तोगी एवं श्रीमती झरना रस्तोगी ने किया। कथा के अंत में आरती विधायक श्री चेतराम, श्री सोबरन सिंह, श्री संतोष सिंह और श्रीमती ज्योति मिश्रा ने की। प्रसाद वितरण में श्री अशोक अग्रवाल एवं डॉ. रामनिवास गुप्ता ने योगदान दिया।

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