ब्यूरो रिपोर्ट: राज बहादुर, लखनऊ ✍️
लखनऊ। एयरपोर्ट विस्तार योजना से प्रभावित किसानों का आमरण अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। पिछले 21 महीनों से धरने पर बैठे किसान अब अपनी मांगों को लेकर निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं।
अनशन के दूसरे दिन कई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों व किसानों से वार्ता की। अधिकारियों ने अनशन समाप्त करने का आग्रह किया, साथ ही मेडिकल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर अनशनरत किसानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें अब तक सभी की स्थिति सामान्य बताई गई।
उपजिलाधिकारी सरोजनी नगर ने वार्ता के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि उनके पुराने दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे और प्रशासन पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जबरदस्ती नहीं की जाएगी और किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कहा कि बीते 21 महीनों से किसान शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों के धैर्य और साहस की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
किसानों का कहना है कि बड़े कॉरपोरेट हितों के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं होती और इस दौरान उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह पुनः अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति और समाधान पर चर्चा की जाएगी। अब सभी की नजर इस वार्ता के निष्कर्ष पर टिकी हुई है।
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