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खाकी का मानवीय चेहरा: रेलवे पटरी पर जान देने पहुँचे मासूम के लिए फरिश्ता बने दारोगा धर्मेन्द्र सोनकर; बचाई 14 वर्षीय अमन की जान


[ लखनऊ पुलिस: सराहनीय कार्य / लाइफ सेविंग ]

ब्यूरो रिपोर्ट: दर्शन गुप्ता, लखनऊ ✍️

लखनऊ | 29 अप्रैल, 2026 सच की आवाज वेब न्यूज़ - पुलिस मित्र

राजधानी लखनऊ में पुलिस की सतर्कता ने एक घर का चिराग बुझने से बचा लिया। सरोजनी नगर इलाके में रेलवे पटरी पर आत्मघाती कदम उठाने जा रहे एक 14 वर्षीय बालक को वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की इस तत्परता की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।

बचाव अभियान का विवरण:
जांबाज पुलिसकर्मी: सुशांत गोल्फ सिटी के दारोगा धर्मेन्द्र सोनकर और कांस्टेबल सुजीत सिंह वीवीआईपी ड्यूटी पर तैनात थे।
घटनास्थल: सरोजनी नगर इलाके की रेलवे पटरी पर 14 वर्षीय अमन राठौर ट्रेन के सामने कूदकर जान देने की कोशिश कर रहा था।
समय रहते कार्रवाई: ट्रेन की चपेट में आने से चंद सेकंड पहले ही सब इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र सोनकर ने बच्चे को देख लिया और उसे पटरी से सुरक्षित खींच लिया।

परिजनों ने जताया आभार: बच्चे को सुरक्षित बचाने के बाद दारोगा धर्मेन्द्र सोनकर ने संबंधित थाने और बच्चे के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुँचे और अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत पाकर पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने भावुक होते हुए पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कर्तव्य सर्वोपरि:
ड्यूटी के दौरान सतर्क रहकर एक कीमती जान बचाना पुलिस के उच्च मनोबल और सेवा भावना को दर्शाता है। दारोगा धर्मेन्द्र सोनकर और कांस्टेबल सुजीत सिंह ने साबित कर दिया है कि खाकी हमेशा सुरक्षा के लिए तैयार है।

"सच की आवाज वेब न्यूज़" लखनऊ पुलिस के इन जांबाज जवानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सलाम करता है। जुड़े रहें हमारे साथ हर बड़ी और विश्वसनीय खबर के लिए।

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