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मक्का की फसल में नैनो डीएपी के उत्कृष्ट परिणाम देख इफको स्टेट हेड यतेंद्र तेवतिया हुए प्रसन्न

 


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर, 26 अप्रैल। 

जनपद शाहजहाँपुर के सहबाजनगर गाँव में प्रगतिशील कृषक श्री मुनेंद्र सिंह के खेत पर मक्का की फसल का निरीक्षण किया गया, जहाँ नैनो डीएपी के प्रयोग से प्राप्त उत्कृष्ट परिणामों ने सभी को प्रभावित किया। इफको के स्टेट हेड श्री यतेंद्र तेवतिया ने फसल की स्थिति देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया।

प्रगतिशील कृषक श्री मुनेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने लगभग 100 एकड़ क्षेत्रफल में मक्का की खेती की है। इस बार उन्होंने पारंपरिक दानेदार डीएपी उर्वरक का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम कर उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप से नैनो डीएपी का प्रयोग किया। फसल में दो बार नैनो डीएपी का छिड़काव (स्प्रे) किया गया, जिसके लिए कुल 150 बोतल नैनो डीएपी का उपयोग किया गया।

उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी के प्रयोग से न केवल रासायनिक उर्वरकों की मात्रा में कमी आई, बल्कि फसल की वृद्धि भी बेहतर हुई। मक्का के भुट्टे आकार में बड़े, स्वस्थ और अधिक विकसित दिखाई दिए, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।

श्री मुनेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने आलू की फसल में भी इसका स्प्रे किया, जिससे उन्हें काफी लाभ मिला और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।


निरीक्षण के दौरान इफको राज्य कार्यालय, लखनऊ से उप महाप्रबंधक (विपणन) श्री एस.पी. सिंह, क्षेत्र अधिकारी इफको शाहजहाँपुर श्री रामरतन सिंह, श्री सचेंद्र वर्मा, श्री रामजी अवस्थी सहित अन्य कृषक बंधु भी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने कहा कि नैनो डीएपी जैसे आधुनिक उर्वरकों का उपयोग खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह तकनीक किसानों के लिए भविष्य की टिकाऊ खेती का एक प्रभावी विकल्प बनती जा रही है।

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