स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश की कला और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कलाकारों और साहित्यकारों का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अनछुए पहलुओं और स्थानीय नायकों के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री जी ने कलाकारों और नाट्य संस्थाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर के उन नायकों, जिनका योगदान स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण रहा है, उन पर नाट्य शृंखला प्रारंभ की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए प्रभावी और शोधपरक स्क्रिप्ट (पटकथा) लिखी जानी चाहिए, ताकि इतिहास की गौरवशाली गाथाओं को प्रमाणिकता के साथ मंच पर उतारा जा सके।
मुख्यमंत्री ने रंगमंच की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे नाट्य कार्यक्रम न केवल कला का प्रदर्शन हैं, बल्कि ये समाज को जोड़ने और उसे नई दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये प्रयास सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को सुदृढ़ करेंगे और युवा पीढ़ी में अपने गौरवशाली अतीत के प्रति स्वाभिमान पैदा करेंगे।
"ये कार्यक्रम समाज को जोड़ेंगे व नई दिशा देंगे तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।" — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी
मुख्यमंत्री की इस पहल से जनपद स्तर की स्थानीय प्रतिभाओं और रंगकर्मियों को अपनी कला के माध्यम से राष्ट्र सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। सरकार का उद्देश्य है कि हर जिले के अपने 'क्रांतिकारी नायक' की कहानी को वहां की स्थानीय भाषा और संस्कृति के माध्यम से जनता के समक्ष लाया जाए।
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शाहजहॉपुर
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